{"_id":"605d88f48ebc3e591c36911a","slug":"inspector-prashant-yadav-murder-case-brother-in-law-lying-on-pyre-shouted-and-says-burn-me-too","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"दरोगा हत्याकांड : चिता पर लेट गए बहनोई, चीखते हुए बोले-मुझे भी जला दो, देखें तस्वीरें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दरोगा हत्याकांड : चिता पर लेट गए बहनोई, चीखते हुए बोले-मुझे भी जला दो, देखें तस्वीरें
Fri, 26 Mar 2021 12:40 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर
अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 26 Mar 2021 12:40 PM IST
विज्ञापन
चिता पर लेटे बहनोई
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के छतारी में शहीद सब इंस्पेक्टर प्रशांत यादव को गुरुवार को अंतिम विदाई देने के लिए भारी भीड़ उमड़ी। प्रशांत यादव की गोली मारकर हत्या से आक्रोशित लोगों ने यूपी पुलिस बदला लो के लोगों ने नारे लगाए। दरोगा प्रशांत यादव का शव आगरा से दोपहर करीब 12.30 बजे बुलंदशहर के छतारी कस्बे के मोहल्ला जनकपुरी स्थित उनके पैतृक घर पर लाया गया।
शहीद दरोगा की पत्नी
- फोटो : अमर उजाला
प्रशांत का पार्थिव शरीर देखते ही लोगों की आंखें नम हो गईं। बृहस्पतिवार दोपहर करीब 12.30 बजे आगरा के एत्मादपुर सर्किल की सीओ अर्चना सिंह, इंस्पेक्टर सिकंदरा, खंदौली थाने के उपनिरीक्षक समेत अन्य पुलिसकर्मी प्रशांत का शव लेकर छतारी के मोहल्ला जनकपुरी स्थित उनके घर पहुंचे। यहां शहीद के अंतिम दर्शन करने के लिए गांव और आसपास क्षेत्र के लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।
शहीद दरोगा की पत्नी
- फोटो : अमर उजाला
प्रशांत की मां-पत्नी और बहन रोते-रोते बेसुध हो गईं। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी शोक संतप्त परिवार को संभालने और सांत्वना देने में लगे रहे। इसके बाद शहीद प्रशांत की शव यात्रा शुरू हुई जिसमें हजारों लोग शामिल हुए। ढाई साल के बेटे पार्थ ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। राजकीय सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
चिता पर लेटे बहनोई
- फोटो : अमर उजाला
चिता पर लेट गए फुफेरी बहन के पति
श्मशान घाट पर शहीद के अंतिम संस्कार के लिए चिता तैयार करते समय शहीद के फुफेरी बहन के पति हुकुम सिंह रोते- बिलखते चिता पर लेट गए। चीखते हुए उन्होंने कहा कि मुझे भी जला दो। यह देखकर वहां मौजूद पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के हाथपांव फूल गए। दौड़कर अधिकारी और पुलिस कर्मी वहां पहुंच गए। उन्होंने हुकुम सिंह को वहां से उठाने की कोशिश की। बार-बार वह कहे जा रहे थे योगी जी को बुलाओ। पूरे मामले की सीबीआई जांच करवाओ। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हो।
श्मशान घाट पर शहीद के अंतिम संस्कार के लिए चिता तैयार करते समय शहीद के फुफेरी बहन के पति हुकुम सिंह रोते- बिलखते चिता पर लेट गए। चीखते हुए उन्होंने कहा कि मुझे भी जला दो। यह देखकर वहां मौजूद पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के हाथपांव फूल गए। दौड़कर अधिकारी और पुलिस कर्मी वहां पहुंच गए। उन्होंने हुकुम सिंह को वहां से उठाने की कोशिश की। बार-बार वह कहे जा रहे थे योगी जी को बुलाओ। पूरे मामले की सीबीआई जांच करवाओ। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हो।
विज्ञापन
विलाप करते हुए परिजन
- फोटो : अमर उजाला
बहन बोलीं- मेरे भाई की मौत का बदला लेना
शहीद प्रशांत के पार्थिव शरीर को देखकर बहन अलका चीख पड़ी। शव से लिपट कर रोने लगी। वहां मौजूद महिला पुलिस अफसर और अन्य लोगों ने किसी तरह सांत्वना देते हुए उन्हें वहां से उठाया। बहन अलका रोते हुए बार-बार पुलिस अफसरों से यही कह रही थी मुझे अपने भाई के पास जाना है। साहब मेरे भाई की मौत का बदला जरूर लेना। बहन की हालत देखकर वहां मौजूद हर किसी की आखें आंसुओं से भर गईं।
शहीद प्रशांत के पार्थिव शरीर को देखकर बहन अलका चीख पड़ी। शव से लिपट कर रोने लगी। वहां मौजूद महिला पुलिस अफसर और अन्य लोगों ने किसी तरह सांत्वना देते हुए उन्हें वहां से उठाया। बहन अलका रोते हुए बार-बार पुलिस अफसरों से यही कह रही थी मुझे अपने भाई के पास जाना है। साहब मेरे भाई की मौत का बदला जरूर लेना। बहन की हालत देखकर वहां मौजूद हर किसी की आखें आंसुओं से भर गईं।