सजा से बचने के लिए करावल नगर दिल्ली के शिव विहार निवासी परचून दुकानदार सुदेश कुमार ने पत्नी अनुपमा के साथ खौफनाक साजिश रची। अपनी कद-काठी के बिहार के मजदूर दोमन रविदास को काम पर बुलाया और शराब पिलाने के बाद उसकी हत्या कर दी। इसके बाद दिल्ली से साइकिल पर शव लाकर लोनी बॉर्डर थानाक्षेत्र के इंदिरापुरी स्थित खाली प्लॉट में फेंककर उसका चेहरा जला दिया। आगे पढ़ें और तस्वीरों में देखें कि आरोपी ने लाश को ठिकाने लगाने के लिए ऐसी कौन सी गलती कर दी जिसके चलते उसका सारा राज खुल गया और अब दोनों पति-पत्नी सलाखों के पीछे हैं....
खतरनाक साजिश: खुद को मरा साबित करना चाहता था ये इंसान, ऐसे लाश न ले जाता तो पूरे हो जाते नापाक मंसूबे
अपनी कद-काठी के मजदूर को काम पर लाया और कर दी हत्या
सुदेश 18 नवंबर को लेबर चौक गया और अपनी कद-काठी के मजदूर जिला गया, बिहार के अत्री निवासी दोमन रविदास को काम के बहाने घर ले आया। उसने पहले दिन छत पर स्लैब डलवाईं और उसे अपने कपड़े दे दिए। 19 नवंबर को दोमन रविदास उसी के कपड़े पहनकर काम पर आया। शाम को पार्टी के बहाने रोक लिया। रात करीब 9 बजे नशा होने पर सुदेश और उसकी पत्नी ने चारपाई के पाये से सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर दोमन रविदास की हत्या कर दी।
पत्नी ने शिनाख्त कर अंतिम संस्कार भी किया
20 नवंबर की सुबह शव मिलने पर पुलिस को जेब में सुदेश का आधार कार्ड मिला। पुलिस ने उसकी पत्नी अनुपमा को मोर्चरी बुलाया। साजिश के तहत अनुपमा ने मृतक मजदूर की शिनाख्त अपने पति के रूप में की और पोस्टमार्टम के बाद उसका अंतिम संस्कार भी किया।
एसपी ग्रामीण ने बताया कि अगर हत्यारों को मृतक की शिनाख्त मिटाने के लिए उसका चेहरा जलाना होता तो वह उसकी जेब में आधार कार्ड क्यों छोड़ते। पुलिस को इसी बात पर शक हुआ और वह रेकी में जुट गई। पुलिस ने सुदेश के घर से आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तो सुदेश साइकिल पर लाश ले जाता हुआ कैद मिला।
पत्नी से मिलने आने की सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी
पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद ली। सुदेश ने पत्नी से बात की। कहा कि वह 20 दिसंबर को उससे मिलने आएगा। वह घर की लाइट जलाकर रखे और दरवाजे पर सफेद कपड़ा टांग दे। इससे उसे पता चल जाएगा कि सब कुछ ठीक है। यह पता लगने पर पुलिस ने घेराबंदी कर ली और शुक्रवार रात सुदेश को उसके घर के पास से ही दबोच लिया। बाद में उसकी पत्नी को भी गिरफ्तार कर लिया गया।