फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

UP: टैटू के शौकीन ध्यान दें, 68 महिलाओं को हुआ एड्स, प्रेग्नेंसी टेस्ट में खुलासा; कहीं आपने तो नहीं की ये भूल

Sat, 09 Nov 2024 10:53 PM IST
अनुज कुमार माई सिटी रिपोर्टर, गाजियाबाद
माई सिटी रिपोर्टर, गाजियाबाद Published by: अनुज कुमार Updated Sat, 09 Nov 2024 10:53 PM IST
सार

जिला महिला अस्पताल में में जांच के दौरान एक बड़ा खुलासा हुआ। टैटू बनवाने से चार साल में 20 महिलाएं एचआईवी की शिकार बनी हैं। काउंसलिंग में महिलाओं ने ऐसी जानकारी दी।

विज्ञापन
20 women became victims of HIV in four years due to tattooing
टैटू से महिलाएं एचआईवी संक्रमित - फोटो : अमर उजाला

जिला महिला अस्पताल में प्रसव पूर्व जांच और काउंसिलिंग के दौरान चार साल में 68 महिलाएं एचआईवी संक्रमित मिली हैं। इनमें से 20 ने बताया कि उन्हें ऐसा लगता है कि संक्रमण की वजह टैटू बनवाना रही। इन सभी ने सड़क किनारे टैटू बनाने वाले लोगों से टैटू बनवाया था। इसके बाद ही तबीयत बिगड़नी शुरू हुई और एचआईवी के लक्षण नजर आए।

20 women became victims of HIV in four years due to tattooing
टैटू - फोटो : Adobe Photo

हर साल 15 से 20 महिलाएं एचआईवी संक्रमित
अस्पताल की एचआईवी काउंसलर उमा सिंह ने बताया कि हर साल 15 से 20 महिलाएं एचआईवी संक्रमित मिल रही हैं। जांच के बाद काउंसिलिंग की जाती है। इसी काउंसिलिंग में पता चला कि चार साल में संक्रमित मिलीं 68 में से 20 में संक्रमण की वजह सड़क किनारे टैटू बनवाना रही। सभी महिलाओं का सुरक्षित प्रसव कराया गया।

20 women became victims of HIV in four years due to tattooing
एचआईवी - फोटो : Adobe Photo

ऐसे होता है टैटू बनवाने से संक्रमण
हालांकि, टैटू बनवाने से संक्रमण नहीं होता है। इसी वजह टैटू बनाने में एक ही सुई का लगातार प्रयोग करना है। अगर किसी सुई से किसी एचआईवी संक्रमित का टैटू बनाया गया हो और उसी से किसी और का भी टैटू बनाया जाए तो संक्रमण का खतरा रहता है। इन सभी मामलों में ऐसा ही प्रतीत हो रहा है। अगर एक टैटू बनाने के बाद उस सुई को इस्तेमाल न किया जाए तो संक्रमण के खतरे से बचा जा सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
20 women became victims of HIV in four years due to tattooing
टैटू बनवाती महिला - फोटो : Adobe Photo

टैटू बनाने में 0.3 प्रतिशत संक्रमण का खतरा
अस्पताल की पैथोलॉजिस्ट डॉ. शैफाली अग्रवाल ने बताया कि टैटू बनाने वाले को प्रत्येक टैटू के लिए अलग सुई ( निडिल) का इस्तेमाल करना चाहिए। टैटू बनाने में 0.3 प्रतिशत संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है। यदि सुई किसी संक्रमित के खून के संपर्क में आई है तो इससे दूसरे व्यक्ति में ट्रासफ्यूजन का खतरा बना रहता है।

विज्ञापन
20 women became victims of HIV in four years due to tattooing
डॉक्टर की सलाह - फोटो : adobe photo

सावधानी और सतर्कता की है जरूरत
महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. अलका शर्मा का कहना है कि ह्यूमन इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस (एचआईवी) और हेपेटाइटिस बीमारी ट्रांसफ्यूजन से फैलती हैं। एचआईवी दूषित रक्त के संपर्क में आने और संक्रमित इंजेक्शन साझा करने से भी फैलता है। संक्रमण से बचने के लिए सावधानी और सतर्कता जरूरी है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed