इंजीनियर ने आधे घंटे में मार दिए पत्नी संग चार बच्चे, ऐसे बच सकती थी अंशु की जान
पुलिस का कहना है कि हत्यारोपी ने पूरा परिवार को खत्म करने में केवल 30 मिनट का ही समय लिया। पुलिस के अनुसार पहले अंशु की हत्या की गई। उसके बाद अन्य बच्चों का गला रेतकर हत्या की गई है। हत्या इस तरह से की गई है कि आसपड़ोस के लोगों को भी चीख पुकार की आवाज नहीं पहुंची। आरोपी हत्या करने के बाद फरार हो गया।
ज्ञान खंड में रहने सुमित की छवि सभी की नजर में अच्छी थी। कॉलोनी के लोगों का कहना है कि वह सभी से बहुत कम बोलता था और कम मतलब रखता था। आने-जाने वाले लोगों का अच्छे से सत्कार करता था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार सुमित ने परिवार को 30 मिनट में खत्म कर दिया। पुलिस मानकर चल रही है कि पहले अंशु बाला की हत्या की। उसके बाद सोते हुए बच्चों का गला रेत दिया।
हत्या कर बच्चों के मुंह पर ढक दिए तकिए
सोते हुए बच्चों की हत्या करने के बाद आरोपी ने उनका चेहरा तकिए से ढक दिया। सुमित के रिश्तेदार ने बताया कि जब वह कमरे में घुसे तो तीनों बच्चों के मुंह पर तकिया रखा हुआ था। अंशु बेड के पास नीचे जमीन पर पड़ी थी। उसके मुंह से खून निकल रहा था। हाथ व पेट से भी खून बह रहा था। बेड पर लेटे बच्चों के मुंह से तकिए हटाए तो उनकी गर्दन कटी हुई थी। तीनों बच्चे एक ही अवस्था में सीधे लेटे हुए थे।
सबसे अधिक चोट अंशु को आई
सुमित ने सबसे ज्यादा वार अपनी पत्नी अंशु पर किए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अंशु पर आठ से अधिक इंजरी के निशान का जिक्र किया गया है। अंशु पर ज्यादा घाव इस वजह से होने माने जा रहे हैं कि उसने हत्या का पुरजोर विरोध किया होगा। बच्चों के सिर्फ गले पर गहरे घाव मिले हैं।