अवैध फैक्टरी में आग लगी तो चीख पुकार मच गई। धमाके की आवाज सुनकर लोग फैक्टरी की ओर दौड़े तो देखा कि अंदर आग लगी थी और महिलाएं व बच्चे आग में घिरे थे। लोगों ने बचाने की कोशिश की लेकिन आग इतनी भयानक थी कि कोई भी अंदर घुसने का साहस न जुटा सका और उनकी आंखों के सामने ही आठ लोग जिंदा जल गए। झुलसे लोगों को जैसे-तैसे बाहर निकाल कर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मोदीनगर हादसाः बेबस देखते रहे अपने, नजरों के आगे जिंदा जल गए 8 लोग
ग्रामीणों के मुताबिक रविवार को फैक्टरी में 18 से 20 लोग काम कर रहे थे, जिनमें से अधिकतर महिलाएं थीं। दोपहर करीब सवा 3 बजे जैसे ही फैक्टरी में आग लगी, वहां रखे बारूद में विस्फोट होना शुरू हो गया। फैक्टरी में काम कर रही महिलाएं व अन्य लोग कुछ समझ पाते तब तक वह आग की लपटों में घिर चुके थे। महिलाओं ने चीख-पुकार मचाई तो आसपास के लोग घटनास्थल पर दौड़ पड़े। ग्रामीण नल से बाल्टियों में पानी भरकर आग पर काबू पाने में जुट गए।
संकरी गली, छोटा गेट, बगल में निर्माणाधीन मकान
आग लगने के बाद फैक्टरी में मौजूद लोगों ने जान बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन संकरी गली और फैक्टरी का छोटा गेट उनकी जिंदगी के बीच में मौत बनकर खड़े हो गए। इसके अलावा बगल में ही एक निर्माणाधीन मकान की बल्लियों ने भी जान बचाकर भागने की कोशिश कर रहे लोगों का रास्ता रोक दिया। नतीजा वह फैक्टरी की आग में ही लोग दफन होकर रह गए।
कमरे की छत उड़ी, आसपास के मकान भी दहल गए
आग लगने के बाद बारूद में धमाके होने शुरू हुए तो फैक्टरी का एक कमरा धराशाई हो गया। इतना ही नहीं, आस पास के मकान भी दहल गए। इसे आसपास में रहने वाले लोगों में दहशत व्याप्त हो गई और अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया। खुद की जान बचाते हुए आग में फंसे लोगों को कैसे बचाया जाए, गांव वाले इस जुगत में भिड़ गए।
ट्यूबवेल चलाकर बुझाई आग, घंटों बाद पहुंची दमकल की गाड़ी
ग्रामीणों ने समझदारी का परिचय देते हुए घटनास्थल के पास स्थित ट्यूबवेल चालू कर दी। इसके बाद सैकड़ों ग्रामीण बाल्टियों में पानी भरकर आग बुझाने में जुट गए। करीब एक घंटे तक फैक्टरी में रखे बारूद में धमाके होते रहे। मशक्कत कर ग्रामीणों ने आग पर काबू पा लिया। आग बुझने के बाद दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची।