विदेश में बैठे गैंगस्टर हिमांशु उर्फ भाऊ ने महिला दोस्त अनु धनखड के जरिए कई हत्याएं करवाने की साजिश रची थी। अनु ने अशोक प्रधान गिरोह के दो और सदस्यों को भी अपने प्रेम जाल में फंसाया था। ये इनसे सोशल मीडिया पर लगातार बात करती थी। मगर गैंगस्टर अशोक प्रधान गिरोह के ये सदस्य अनु धनखड़ के बुलावे पर उससे मिलने नहीं आए थे। इसके बाद अनु ने गांव चोची, झज्जर, हरियाणा के रहने वाले अमन को राजौरी गार्डन के बर्गर किंग रेस्टोरेंट में मिलने बुलाया था। यहां उसकी हत्या कर दी गई।
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लेडी डॉन अनु धनखड़
- फोटो : सोशल मीडिया
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा नेपाल भागते हुए लखीमपुरी खीरी, यूपी से 25 अक्तूबर अनु को गिरफ्तार किया था। उसने पूछताछ में खुलासा किया है कि उसे भाऊ व साहिल ने अशोक प्रधान गिरोह के सदस्यों से दोस्ती कर उन्हें एक जगह पर बुलाकर हत्या करने की साजिश रचने को कहा था। अनु ने बहादुरगढ़ व सोनीपत के अशोक प्रधान के दो सदस्यों से सोशल मीडिया पर दोस्त कर ली। ये दोनों से काफी बातें करती थीं। उसने बहादुरगढ़ के सदस्य को दिल्ली के नजफगढ़ में बुलाया था। अनु के बुलाने पर बहादुरगढ़ व सोनीपत के दोनों सदस्य नहीं आए थे। इस कारण वह बच गए।
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लेडी डॉन अनु धनखड़
- फोटो : सोशल मीडिया
भाऊ अशोक प्रधान के सदस्यों को क्यों मरवा रहा है
कुछ साल पहले गैंगस्टर हिमांशु उर्फ भाऊ, नीरज बवानिया व काला असोदा एक हो गए थे। जेल में बंद अशोक प्रधान ने अपने भाई की हत्या का बदला लेने के लिए हरियाणा की एक जेल में काला असोदा की हत्या करवा दी थी। काला असोदा ने अशोक प्रधान के भाई की हत्या कर दी थी। अशोक प्रधान ने इसके बाद नीरज बवानिया के मौसी के लड़के शक्ति दादा की हत्या करवा दी थी। अब विदेश में बैठा भाऊ शक्ति दादा की हत्या में शामिल अशोक प्रधान गिरोह के सदस्यों की हत्या करवा रहा है। इस मामले में अशोक प्रधान गिरोह का जो भी सदस्य जेल से बाहर आता है भाऊ उसके पीछे पड़ जाता है।
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पुलिस की गिरफ्त में अनु धनखड़
- फोटो : सोशल मीडिया
देश के गैंगस्टर दो गुट में बंटे
पहला गुट- लारेंस बिश्रोई, जितेंद्र गोगी, रोहित गोदारा, अशोक प्रधान।
दूसरा गुट- बंबीहा गिरोह, नीरज बवानिया, टिल्लू ताजपुरिया गिरोह, काला असोदा, गुरुग्राम का कौशल चौधरी, फरीदाबाद का नीरज फरीदपुर व उसका भाई चंदन उर्फ चंदू।
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लेडी डॉन अन्नू धनखड़
- फोटो : twitter
दिसंबर, 23 में भाऊ से जुड़ी थी
अनु धनखड बचपन से ही गुस्सैल स्वभाव की है। उसे गैंगस्टर व बदमाशों से बात करने का शौक है। इसी शौक के चलते वह हिमांशु उर्फ भाऊ व साहिल से सोशल मीडिया के जरिए जुड़ी थी। हालांकि दोनों से अभी व्यक्तिगत रूप से नहीं मिली है। इनसे जुड़ऩे के बाद इसने अपना घर छोड़ दिया था और दिल्ली के मुखर्जी नगर में जीटीबी एंक्लेव में पीजी में रहने लगी थी। ये भाऊ गिरोह में साहिल के अलावा दीपक, मोरिस व चीता से भी बात करती थी। अनु को ऐशोआराम की जिंदगी जीने का शौक था। ये अमेरिका जाना चाहती थी। भाऊ व साहिल ने उसे यही सपने दिखाए थे।