कहते हैं जो वक्त के साथ नहीं बदलते वो खत्म हो जाते हैं। ये बात हर कला पर लागू होती है चाहे वो रामलीला ही क्यों न हो। क्या आपने कभी सोचा है कि क्यों दिल्ली जैसे अति आधुनिक शहर में वक्त बदलने के बावजूद रामलीला का क्रेज साल दर साल बढ़ता जा रहा है? पिछले 40 साल से दिल्ली के मंगोलपुरी में रामलीला कर रहे न्यू वक्त क्लब रामलीला कमेटी के उपाध्यक्ष राजेंद्र शौकीन इस ओर इशारा करते हुए बताते हैं, 'हम लोग पिछले 40 साल से रामलीला करा रहे हैं, लेकिन वक्त के साथ यहां आने वालों की तादात बढ़ती ही जा रही है।' असल में रामलीला मैदान की ओर हर साल बढ़ती भीड़ का राज इसी योजना में छुपा हुआ है। रामलीला के प्रति लोगों के बढ़ते क्रेज का कारण सिर्फ मंच पर होने वाले संवाद या भाव-भंगिमाएं ही नहीं हैं बल्कि, इसके पीछे कुछ ऐसी चीजें भी हैं जो अनायास ही लोगों को रामलीला मैदान की ओर खींच लाती हैं...
हर साल बढ़ रहा राललीलाओं का क्रेज, अगर न होती ये 5 चीजें तो खत्म हो जाती ये कला
Updated Fri, 22 Sep 2017 12:18 PM IST
सार
- यहां होते हैं ऐसे आकर्षण जो आमतौर पर देखने को नहीं मिलते
- साल में एक बार आता है ऐसा मौका बड़ों को याद करा देता है बचपन
- युवाओं के लिए होता है खास इंतजाम
- आम आदमी तक पहुंचती है खास कलाएं
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