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Manu Bhaker: मनु की परवरिश के लिए मां ने छोड़ दी थी लेक्चरर की नौकरी... इसलिए रिश्तेदार भी रहते थे नाराज
Wed, 31 Jul 2024 11:05 AM IST
शाहरुख खान
संदीप वर्मा, अमर उजाला, फरीदाबाद
संदीप वर्मा, अमर उजाला, फरीदाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 31 Jul 2024 11:05 AM IST
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Manu Bhaker mother
- फोटो : अमर उजाला
मनु भाकर की मां सुमेधा भाकर ने बच्चों की बेहतर परवरिश के लिए लेक्चरर की नौकरी छोड़ दी थी। सुमेधा कहती हैं कि उन्हें नौकरी करना और बच्चों को पढ़ाना पसंद है लेकिन उनकी प्राथमिकता पहले दोनों बच्चे थे। अब मनु इस मुकाम पर पहुंच गई है। अब वह अपनी नौकरी करेंगी। सुमेधा संस्कृत विषय से परास्नातक हैं।
मनु भाकर की मां
- फोटो : अमर उजाला
झज्जर में मनु भाकर ने अपनी स्कूली शिक्षा यूनिवर्सल पब्लिक सेकेंडरी स्कूल से पूरी की। इसी स्कूल में मां सुमेधा प्रधानाचार्य थीं। दिल्ली में मनु की तैयारी के लिए उन्होंने झज्जर छोड़ा। सुमेधा ने बताया कि उनका चयन दो बार सरकारी शिक्षक पद के लिए हो गया।
manu bhaker
- फोटो : अमर उजाला
इसके अलावा इंटर कॉलेज में लेक्चरर पद के लिए भी उनका चयन हो गया लेकिन उन्होंने पहले दोनों बच्चों की बेहतर परवरिश को चुना। सुमेधा बताती हैं कि मनु के पिता रामकिशन मर्चेंट नेवी में हैं। वह लंबे टूर पर रहते हैं। इस दौरान पूरे घर को संभालना होता है। ऐसे में बाहर नौकरी करने से बच्चों की देखभाल नहीं हो पाती।
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मनु भाकर की मां
- फोटो : अमर उजाला
समय नहीं देने के कारण रिश्तेदार रहते थे नाराज
मनु के प्रशिक्षण और देखभाल के लिए उनके पास समय ही कम बचता था। ऐसे में वह बहुत कम ही लोगों से मिल पाती थी। उनका कहना है कि बहुत से लोग उनके इस रवैये से नाराज थे। उन्होंने कहा कि अब मनु ने अपना मुकाम हासिल कर लिया है। ऐसे में वह लोगों के गिले शिकवे दूर करेंगी और सभी से मिलेंगी। इसके अलावा वह दोबारा से अपनी जॉब भी करेंगी और बच्चों को ज्ञान बांटेंगी।
मनु के प्रशिक्षण और देखभाल के लिए उनके पास समय ही कम बचता था। ऐसे में वह बहुत कम ही लोगों से मिल पाती थी। उनका कहना है कि बहुत से लोग उनके इस रवैये से नाराज थे। उन्होंने कहा कि अब मनु ने अपना मुकाम हासिल कर लिया है। ऐसे में वह लोगों के गिले शिकवे दूर करेंगी और सभी से मिलेंगी। इसके अलावा वह दोबारा से अपनी जॉब भी करेंगी और बच्चों को ज्ञान बांटेंगी।
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manu bhaker
- फोटो : ANI
मनु को घर में भगवत गीता के श्लोक सुनाकर साहस देती हैं सुमेधा
अन्य खेलों की अपेक्षा शूटिंग जैसे खेल के लिए अधिक एकाग्रता की जरूरत होती है। ऐसे में कई बार निशाने ठीक न लगने पर तनाव हो जाता है। मनु भाकर की मां सुमेधा भाकर का कहना है कि तनाव दूर करने के लिए सुबह और शाम को घर में गीता के श्लोक बजते रहते हैं। यही बात मनु ने ओलंपिक में पहला पदक जीतने के बाद कही थी कि मनोबल और एकाग्रता के लिए मनु गीता के श्लोक याद करती हैं।
अन्य खेलों की अपेक्षा शूटिंग जैसे खेल के लिए अधिक एकाग्रता की जरूरत होती है। ऐसे में कई बार निशाने ठीक न लगने पर तनाव हो जाता है। मनु भाकर की मां सुमेधा भाकर का कहना है कि तनाव दूर करने के लिए सुबह और शाम को घर में गीता के श्लोक बजते रहते हैं। यही बात मनु ने ओलंपिक में पहला पदक जीतने के बाद कही थी कि मनोबल और एकाग्रता के लिए मनु गीता के श्लोक याद करती हैं।