निकिता तोमर हत्याकांड को बेहद करीब से देखने वाली चश्मदीद गवाह निकिता शर्मा शुक्रवार के दिन का बेसब्री से इंतजार कर रही थी। अदालत के फैसले को वह टीवी के माध्यम से घर पर देख रही थी। अदालत ने दोषियों को उम्र कैद की सजा सुनाई, जिसके बाद उसे भी सुकून मिला। अग्रवाल कॉलेज में निकिता तोमर के साथ पढ़ने वाली निकिता शर्मा इस मामले की मुख्य गवाह थी। उसने गवाही के पहले ही दिन कहा था कि उसके परिवार ने कभी थाना नहीं देखा और आज उसे कोर्ट में खड़ा होना पड़ रहा है। न्यायाधीश सरताज बसवाना ने उसे सुरक्षा पूरी गारंटी देते हुए कहा कि उसे डरने की कोई जरूरत नही है। उसकी सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात रहेगी।
2 of 5
निकिता हत्याकांड का सीसीटीवी फुटेज
- फोटो : अमर उजाला
निकिता शर्मा को तीन बार अदालत जाना पड़ा। पहली बार न्यायाधीश के सामने 164 के बयान दर्ज कराए गए। दूसरी बार गवाही देने के लिए अदालत गई, लेकिन गवाही अगले दिन के लिए टाल दी गई। तीसरी बार उसके सामने तौसीफ व रेहान को खड़ा किया गया। उसने तौसीफ को सीधे तौर पर पहचानने से इनकार कर दिया। उसने कहा कि आरोपियों ने चेहरा ढक रखा था, लेकिन कद काठी की बात करें तो वह तौसीफ से मेल खाती है।
3 of 5
फास्ट ट्रैक कोर्ट परिसर
- फोटो : अमर उजाला
पड़ोसियों ने बताया कि घटना से बाद से ही निकिता शर्मा डरी व सहमी हुई थी। करीब दो महीने तक वह खुलकर घर से बाहर भी नही निकली। पिता जयभगवान शर्मा एक निजी कंपनी में काम करते हैं और ज्यादातर गुजरात में ही रहते हैं। हत्याकांड के दिन निकिता के नाना का देहांत हो गया था, इसलिए पूरा परिवार पानीपत स्थित मामा के घर गया हुआ था। परीक्षा होने के कारण निकिता वहां नही गई। घटना का जिक्र सुनते ही निकिता के पिता जयभगवान गुजरात से फरीदाबाद आए।
4 of 5
nikita murder case
- फोटो : अमर उजाला
पड़ोसियों ने बताया कि करीब डेढ़ महीने जयभगवान शर्मा को नौकरी से छुट्टी लेनी पड़ी। पुलिसकर्मी घर के बाहर बैठे रहने से एक अजीब सा माहौल पूरे पड़ोस में बन गया था। सुरक्षा के लिए जयभगवान शर्मा को पुलिस ने आर्म्स लाइसेंस जारी कर दिया था।
5 of 5
तौैफीक और रेहान
- फोटो : अमर उजाला
काली शर्ट में था तौसीफ, हरी टी-शर्ट में सजा सुनने पहुंचा रेहान
तौसीफ ने कोर्ट पहुंचने के दौरान काली और रेहान ने हरी टी-शर्ट पहनी हुई थी। दोनों के चेहरे लटके हुए थे। दोनों काफी शांत दिखे। उनके परिजन भी पहचान छिपाते रहे। कोर्ट परिसर में दाखिल होने के बाद हर कोई दोषियों के आने का ही इंतजार कर रहा था। जब जजमेंट रूम में पेश किया गया तो पुलिस सुरक्षा के बीच बड़ी मुश्किल से दोनों की पहचान हो सकी। हालांकि जजमेंट के वक्त आम लोग भी मौजूद थे। सभी की निगाहें न्यायधीश सरताज बसवाना और दोषियों पर टिकी थीं। पूरे मामले में 700 पेज की चार्जशीट तैयार की गई थी।