हरियाणा के फरिदाबाद स्थित नेहरू कॉलोनी में चल रही तोड़-फोड़ की कार्रवाई के बीच प्रभावित परिवारों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। बड़ी संख्या में मकान ढहाए जाने के बाद कई परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। इसी बीच स्थानीय लोगों ने दावा किया कि मकान टूटने के बाद सड़क किनारे रहने को विवश एक गर्भवती महिला ने शुक्रवार को बच्चे को जन्म दिया, लेकिन नवजात की जान नहीं बच सकी। घटना की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है लेकिन लोगों ने इसके लिए प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए नाराजगी जताई।
Faridabad: मलबे में दफन हुए आशियाने, किसी का घर उजड़ा, किसी की गोद हुई सूनी; नेहरू कॉलोनी के दर्द की तस्वीरें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद
Published by: विकास कुमार
Updated Sat, 06 Jun 2026 08:06 PM IST
सार
स्थानीय निवासी रंजीत और रीता ने बताया कि कॉलोनी की एक गर्भवती महिला का मकान टूटने के बाद वह सड़क किनारे रहने को मजबूर थी। उनका आरोप है कि महिला ने वहीं बच्चे को जन्म दिया और नवजात की मौत हो गई।
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