व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल से जुड़े दो अहम आरोपी डॉ. शाहीन और डॉ. मुजम्मिल फरीदाबाद से कहीं और जाकर अपना परिवार बसाने की तैयारी में थे। दोनों ने अल फलाह यूनिवर्सिटी में रहने के दौरान ही इसको लेकर बीते 3-4 महीने से भूमिका बनानी भी शुरू कर दी थी।
अन्य सहयोगियों को उन्होंने बताया था कि दोनों ने निकाह कर लिया है। पास में मकान किराये पर लेकर वहां कुछ लोगों को दोनों ने मिलकर दावत दी थी। आधिकारिक सूत्रों की मानें तो डॉ. शाहीन और डॉ. मुजम्मिल से पूछताछ में ये सब बातें पता चली हैं।
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डॉ. शाहीन
- फोटो : अमर उजाला
पूछताछ में इन्होंने कबूला है कि मौलवी इश्तियाक ने दोनों का निकाह कराया था। डॉ. शाहीन अपनी कार के अलावा उसने लगभग 10 लाख रुपये नकद भी डॉ. मुजम्मिल को दिए थे।
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आरोपी में शामिल शाहीन
- फोटो : एजेंसी
जांच एजेंसी के सूत्रों का कहना है कि डॉ. शाहीन और डॉ. मुजम्मिल पूछताछ में पूरी तरह से सहयोग नहीं कर रहे हैं। दोनों ही जांच एजेंसियों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।
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डॉ. मुजम्मिल की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
ये खुद की बजाय आतंकी मॉड्यूल के नेटवर्क का सरगना दिल्ली धमाके में मारे गए डॉ. उमर को बता रहे हैं। लेकिन अल फलाह यूनिवर्सिटी में डॉ. शाहीन की मौजूदगी में इसके क्वार्टर से खोले गए डिजिटल लॉकर से मिले 18.50 लाख रुपये नकद और 300 ग्राम सोना कुछ और ही बयां कर रहे हैं। जांच एजेंसी अब शाहीन से पूछताछ कर ये पता लगा रही है कि ये रुपये उसके पास कब और कहां से आए।
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अल फलाह यूनिवर्सिटी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अल फलाह ग्रुप के चेयरमैन को किताबें ले जाने की इजाजत नहीं
साकेत कोर्ट ने सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की पूछताछ के बाद अल फलाह ग्रुप के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एएसजे) शीतल चौधरी प्रधान ने जवाद अहमद सिद्दीकी को 15 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।