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आशियाना उजड़ने के बाद बच्चों के साथ कहां जाएंगे: गांव खोरी में लोगों का टूटा सब्र, खुद निकाल रहे मकान का सामान

Fri, 23 Jul 2021 09:44 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद Published by: Vikas Kumar Updated Fri, 23 Jul 2021 09:44 AM IST
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after the action of corporation in khori village people started leaving the house
खोरी गांव में अपने घर टूटने से मायूस लोग - फोटो : amar ujala

खोरी गांव में जैसे-जैसे नगर निगम की तोड़फोड़ कार्रवाई आगे बढ़ रही है। लोगों के सब्र का बांध टूटता जा रहा है। इसके चलते लोग अब स्वयं घरों को खाली करने लगे हैं। मकानों से दरवाजे और चौखट निकाल रहे हैं। बेरुखे मन से लोग अपने घरों को जोड़ रहे हैं। गुरुवार को दिल्ली लालकुआं तीन नंबर चुंगी क्षेत्र में अनेक लोग अपने मकानों को खाली करते दिखे। 



सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नगर निगम ने गुरुवार को खोरी में तोड़फोड़ की। नगर निगम का तोड़फोड़ दस्ता भारी अल सुबह पुलिस बल के साथ गांव में पहुंचा। डरे सहमे लोग घरों में बैठे थे। इस दौरान बिजली न होने के कारण कई महिलाएं घरों के बाहर बैठ कर आराम कर रही थी। कुछ लोग अपने घरों को खाली कर दूसरी जगह सामान लेकर जा रहे थे, तो कोई तोड़फोड़ कार्रवाई से चिंतित होकर रोने लगी। परिवार के अन्य सदस्य उन्हें ढांढस बंधा रहे थे। कई लोगों को ये समझ नहीं आ रहा था कि आशियाना उजड़ने के बाद बच्चों के साथ कहां जाएंगे। किराये के मकान का खर्चा कहां से निकलेगा। वह कुछ समझ पाते कि उससे पहले ही पुलिस ने घरों में डेरा डाल लिया। 
 

after the action of corporation in khori village people started leaving the house
आशियाना टूट से दुखी महिला - फोटो : amar ujala

तोड़फोड़ दस्ता पहुंच गया और कार्रवाई शुरू कर दी। तोड़फोड़ के दौरान कुछ लोग घरों से बाहर निकलने को तैयार नहीं थे। पुलिस ने उन्हें बल पूर्वक बाहर निकाला। रोते-बिलखते लोग अपने सिर की छत उजड़ता देखकर बेसुध हो गए। कार्रवाई रोकने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों गुहार लगाई, लेकिन किसी ने उनकी एक न सुनी। छलकते आंसू भी उनके आशियाने को नहीं बचा सके।

after the action of corporation in khori village people started leaving the house
घर का सामान लेकर जाते लोग - फोटो : amar ujala
लोगों से बातचीत
नगर निगम ने पहले घर से बेघर कर दिया। अब खाना भी ठीक से नहीं दिया जा रहा है। दाल, चावल और रोटी की गुणवत्ता ठीक नहीं है। हम इंसान हैं। कम से कम दो पहर का खाना तो सही दिया जाए। - कादिर, स्थानीय निवासी

आश्रम में तो भर पेट भोजन मिल जाता है लेकिन गांव में खाना बांटने के लिए की गई व्यवस्था बेहद खराब है। यदि दो मिनट खाना लेने के देर कर दिए तो लोगों को गाड़ी के पीछे भगना पड़ता है। - कृष्ण, स्थानीय निवासी

 
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घर का सामान लेकर जाते हुए लोग - फोटो : amar ujala
तोड़फोड़ से पहले नगर निगम को लोगों के रहने के लिए उचित प्रबंध करना चाहिए। आज नौबत यहां तक आ गई है कि पेट भर खाने के लिए लोगों को तरसना पड़ रहा है। - आरपी सिंह, स्थानीय निवासी

 
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अपना आशियाना टूटते देखते लोग - फोटो : amar ujala
गांव में लोगों को पानी तक के लिए प्रशासन ने तरसा दिया है। पानी का टैंकर आता है। दो मिनट रुकता और आगे बढ़ जाता है। इससे कुछ लोग पानी भर पाते है तो कुछ लोगों को पानी नहीं मिल पाता। - सपना गुप्ता, स्थानीय निवासी

प्रशासन ने राधा स्वाती आश्रम में इंतजाम कराया है। ऐसे में लोग खोरी के बजाय आश्रम का खाना ले। निगम ने इसके लिए इंतजाम कराया है। -डॉ. गरिमा मित्तल, निगम आयुक्त
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