प्रशासन और प्राधिकरण ने सेक्टर-145 में अस्थायी डंपिंग ग्राउंड बनाकर कूड़ा डालना शुरू किया ही था कि लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया। बृहस्पतिवार को लोगों ने मौके पर जाकर हंगामा किया और कूड़ा डालना रोक दिया। गुस्साए लोग जेसीबी मशीन पर चढ़ गए। मौके पर मौजूद पीएसी व पुलिस ने लोगों को गिरफ्तार कर लिया। आंदोलनकारियों को गिरफ्तार करके थाना सूरजपुर ले जाया गया। आंदोलनकारी इस बात पर अड़े रहे कि उन्हें जमानत नहीं चाहिए, जेल भेज दो। आंदोलनकारियों के समर्थन में थाने के बाहर सैकड़ों की संख्या में लोग देर रात तक जमा रहे। सेक्टर-145 के पास मुबारिकपुर में नोएडा प्राधिकरण ने कूड़ा डालने के लिए जगह चिह्नित की है। इसके विरोध में बृहस्पतिवार को लोग किसान नेता रघुराज सिंह के नेतृत्व में डंपिंग ग्राउंड साइट पर पहुंच गए। यहां लोगों ने नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। रघुराज सिंह का कहना है कि जिस जगह पर प्राधिकरण ने कूड़ा डालना शुरू किया है, आसपास हाल ही में प्राधिकरण ने किसानों की जमीन अधिग्रहण के बदले 5 फीसदी आबादी के 2100 प्लॉट लगाए हैं।
डंपिंग ग्राउंड मामला: मुबारिकपुर में भी विरोध शुरू, 23 गिरफ्तार, 7 क्रिमिनल एक्ट के तहत कार्रवाई
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नोएडा प्राधिकरण ने शहरों से उठाया कूड़ा
आगे भी किसानों को जो भी प्लॉट मिलेंगे, इसी सेक्टर में प्रस्तावित हैं। आईटी कंपनियों के साथ सोसाइटियां भी हैं। ऐसे में प्राधिकरण यह कैसे कह सकता है कि वहां पर खाली जमीन है। कूड़ा डालने से पूरा सेक्टर ही नहीं, आसपास का क्षेत्र प्रदूषित हो जाएगा। प्राधिकरण के पास इससे निपटने को कोई आधुनिक तकनीक भी नहीं है। कूड़े से निकलने वाली दुर्गंध पूरे वातावरण को खराब करेगी। इतना ही नहीं कूड़े का ढेर तो कुछ माह में चलने वाली नोएडा-ग्रेटर नोएडा की मेट्रो में सवार होने वाले यात्रियों का भी दिखाई देगा। दरअसल, नोएडा प्राधिकरण की ओर से सेक्टर-123 में कूड़ा डालने पर स्थानीय निवासियों के विरोध के बाद मुख्यमंत्री ने संज्ञान लेते हुए कोई दूसरी जगह चिह्नित करने का आदेश दिया था। इसके बाद प्राधिकरण और प्रशासन ने काफी मशक्कत के बाद सेक्टर-145 के पास मुबारिकपुर में कूड़ा डालने के लिए स्थान चिह्नित किया। इसके बाद अब यहां पर डंपिंग ग्राउंड बनाया जा रहा है। हालांकि अधिकारियों की ओर से पहले यह बताया गया था कि यह गैर आबाद जमीन है।
बारिश के बाद कूड़ा उठाना हुआ दूभर
वहीं अधिकारियों का यह भी कहना था कि यह अस्थायी डंपिंग ग्राउंड है। दोपहर करीब 11 बजे वहां किसान नेता रघुराज सिंह, पुरुषोत्तम नागर, गौतम अवाना समेत दर्जनों की संख्या में गढ़ी, शहदरा व आसपास गांव के निवासी पहुंच गए और डंपिंग ग्राउंड का विरोध करने लगे। उस दौरान पुलिस वहां मौजूद थी। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि पास में ही शहीद स्मारक नलगढ़ा है, डंपिंग ग्राउंड बनने से शहीद पार्क भगत सिंह का अपमान होगा। नोएडा प्राधिकरण ने बृहस्पतिवार को शहरों से कूड़ा उठाया और मुबारिकपुर के डंपिंग ग्राउंड तक पहुंचाया। अधिकारियों का कहना है कि यहां कूड़ा डालना बंद नहीं होगा। हालांकि उनका यह भी कहना है कि यहां स्थायी डंपिंग ग्राउंड नहीं बनाया जा रहा है। यहां कूड़ा इकट्ठा करने के बाद उसका रेमिडिएशन किया जाएगा। जिसका उपयोग दूसरी जगह हो पाएगा। पहले दिन 30 ट्रक कूड़ा उठाया गया था।
बारिश के बाद कूड़ा उठाना हुआ दूभर
बुधवार रात और बृहस्पतिवार को दिन में हुई बारिश से शहर में कूड़ा उठाना दूभर हो गया। प्राधिकरण की टीम को भी कूड़ा उठाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। काफी मशक्कत के बाद कूड़ा उठाया जा रहा है। बीएन सिंह, जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर ने बताया कि, लोगों ने सरकारी काम में बाधा डाली है। इसलिए जो लोग गिरफ्तार किए गए हैं, उनके खिलाफ 7 क्रिमिनल एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही गिरफ्तार लोगों पर गैंगस्टर एक्ट भी लगाया जाएगा।
गोपनीय तैयारी भी फेल होती दिख रही
प्राधिकरण और पुलिस ने बड़ी मेहनत करके सेक्टर-145 की मुबारिकपुर जगह ढूंढ निकाली। प्रशासन की कोशिश रही कि किसी को पता न चले। बृहस्पतिवार को जैसे ही लोगों को जानकारी मिली तो विरोध शुरू हो गया। जानकर योगेंद्र शर्मा का कहना है कि प्राधिकरण और प्रशासन ने वहीं गलती की जो पहले करते आए थे। वहां पर कू़ड़ा डालने से पहले लोगों से बात करनी चाहिए। अगर लोगों को विश्वास में लेकर काम किया जाता तो हो सकता है कि लोग मान जाते और प्राधिकरण को राहत मिल जाती। भले ही यहां तैनात रहे पूर्व प्राधिकरण के अधिकारियों की लापरवाही के कारण ही यह स्थिति पैदा हुई है। उस समय की गलती का खामियाजा अब अधिकारी उठा रहे हैं। डंपिंग ग्राउंड के चक्कर में ही अधिकारी उधेड़बुन में फंसे हुए हैं, नई योजनाओं के लिए वक्त ही नहीं है।