'बारूद' के ढेर पर है क्रिकेट प्रेमियों का प्राइड फिरोजशाह कोटला!
फिरोजशाह कोटला क्रिकेट की स्थापना 1883 में हुई। दिल्ली ने दुनिया को जितने भी दिग्गज क्रिकेटर दिए हैं। उन सभी ने क्रिकेट का ककहरा इसी मैदान से सीखा।
'बारूद' के ढेर पर है क्रिकेट प्रेमियों का प्राइड फिरोजशाह कोटला!
वीरेंद्र सहवाग की बेखौफ बल्लेबाजी हो या विराट कोहली के विरोधियों पर तीखे तेवर। गौतम गंभीर का तूफानी लेफ्टी बैटिंग स्टाइल हो या आशीष नेहरा का विकेट लेने के बाद जश्न का जोशीला अंदाज, इन्हें उड़ान दिल्ली के दिलवाले क्रिकेट प्रेमियों के सपॉट और फिरोजशाह कोटला ने ही दी है।
'बारूद' के ढेर पर है क्रिकेट प्रेमियों का प्राइड फिरोजशाह कोटला!
दिल्ली के दंबग खिलाड़ियों ने यहां से सीखे हुनर और 22 गज की पट्टी पर बहाए पसीने की बदौलत ही दुनिया के हर मैदान पर दंबगई दिखाई। इनके रिकॉर्ड न सिर्फ इन खिलाड़ियों के लिए अहम हैं। बल्कि फिरोजशाह कोटला को भी ये रिकॉर्ड गौरवान्वित करते हैं।
'बारूद' के ढेर पर है क्रिकेट प्रेमियों का प्राइड फिरोजशाह कोटला!
ये सभी खिलाड़ी और इनके कारनामे डीडीसीए को मजबूत बनाते हैं। लेकिन इन सबसे अलग कुछ ऐसा भी है जो डीडीसीए को कटघरे में भी खड़ा करता है। इंटरनेशनल लेवल पर नामी टूर्नामेंट और ऐतिहासिक मैचों की मेजबानी कर करोड़ों क्रिकेटप्रेमियों के दिल जीतने वाले डीडीसीए पर अब सवाल उठाए जा रहे है और यह विवादों में है।
'बारूद' के ढेर पर है क्रिकेट प्रेमियों का प्राइड फिरोजशाह कोटला!
प्रशासनिक बॉडी और समीतियों में भी तालमेल नजर नहीं आ रहा है। दिग्गज क्रिकेटर भी इसके भविष्य और मौजूदा हालातों को लेकर चिंतित नजर आते है। शायद यही वजह भी है कि डीडीसीए को अब जहां एक ओर कोर्ट से फटकार लग चुकी है तो दूसरी ओर सरकार रवैया भी सख्त है।