बंद सीढ़ियां, एस्केलेटर और प्लेटफॉर्म पर मौजूद भीड़, वहां हर एक सांस के लिए हांफते लोग...। जी हां शनिवार रात को कुछ ऐसा ही नजारा नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर देखने को मिला। जब तक हालात कुछ संभले, तब तक कई लोगों की जान चली गई, जबकि कई जख्मी हो गए। इसके बाद शुरू हुआ सिसकियों का सफर।
किसी ने बच्चों को खोया तो किसी की पत्नी चली गई। रेलवे स्टेशन पर जान गंवाने वाले लोगों में कई तो ऐसे थे जो महाकुंभ नहीं जा रहे थे, लेकिन वह भी भीड़ के पैरों तले कुचलकर मौत के आगोश में चले गए। एलएनजेपी, आरएमएल और लेडी हार्डिंग अस्पताल के बाहर लोग रोते-बिलखते दिखे।
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ट्रेन में चढ़ने के लिए जुटी भीड़
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
टिकरी बॉर्डर से महाकुंभ जा रहे एक परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि इनके पड़ोस में रहने वाले 12 साल के किशोर नीरज की भी दम घुटने से मौत हो गई। वह भी भीड़ के पैरों तले कुचला गया। महावीर एंक्लेव से कुंभ जा रही पूनम और उसकी सहेली संगीता मलिक की मौत हो गई, जबकि इनकी सहेली सोमा बाल-बाल बच गई।
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ट्रेन में चढ़ने को लेकर मारामारी
- फोटो : पीटीआई
दो सहेलियों की हुई मौत एक बाल-बाल बची
हादसे में मूलरूप से सोनीपत की रहने वाली पूनम रोहिल्ला (34) की मौत हो गई। वह पति वीरेंद्र सिंह के साथ महावीर एंक्लेव, नंदा ब्लॉक में रहती थी। परिवार में दो मासूम बच्चे मयंक और अक्षित हैं। पूनम नर्स थीं। अपनी सहेली संगीता मलिक व सोमा के साथ महाकुंभ जाने के लिए स्टेशन पहुंची थीं। हादसे के दौरान सोमा बाल-बाल बच गई। जबकि पूनम और संगीता की मौत हो गई।
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ट्रेन में चढ़ने को लेकर मारामारी
- फोटो : पीटीआई
भाई के सामने ही हुई मौत
दिल्ली के संगम विहार के-ब्लॉक की गली नंबर-19 की रहने वाली पिंकी देवी (37) की हादसे में मौत हो गई। पिंकी अपने मायके के करीब 12 सदस्यों के साथ महाकुंभ के लिए रेलवे स्टेशन पहुंची थीं। पिंकी के भाई संजय ने बताया कि बच्चे भी साथ में थे। इस बीच सीढि़यों पर भीड़ का रेला आया और सब दब गए। हादसे के बाद पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
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ट्रेन में चढ़ने को लेकर मारामारी
- फोटो : पीटीआई
किस्मत से मिला था टिकट क्या पता था हो जाएगी मौत
इंद्रा एंक्लेव, किराड़ी के 37 लोगों को महाकुंभ जाना था, लेकिन कंफर्म टिकट नहीं मिल पा रहा था। इस दौरान सीलम देवी (46) के परिवार को किसी तरह टिकट मिल गया। सीलम देवी, पति उमेश गिरी, एक बेटे व तीन बेटियों के साथ महाकुंभ जाने के लिए शाम छह बजे रेलवे स्टेशन पर पहुंचीं। भगदड़ में सीलम देवी भीड़ का शिकार हो गईं। परिजनों ने बचाने की खूब कोशिश की, लेकिन दम घुटने से मौत हो गई।