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दिल्ली एनसीआर: बारिश के बाद भी नहीं धुला प्रदूषण, खतरनाक स्तर पर पहुंचा वायु गुणवत्ता सूचकांक
Sun, 13 Dec 2020 02:07 PM IST
प्राची प्रियम
माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा
माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा
Published by: प्राची प्रियम
Updated Sun, 13 Dec 2020 02:07 PM IST
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delhi pollution
- फोटो : ANI
ग्रेटर नोएडा में रहने वाले लोगों की शनिवार सुबह की शुरुआत घने धुंध (स्मॉग) से हुई। इस दौरान दृश्यता 700 मीटर तक पहुंच गई। सुबह से ही प्रदूषण का स्तर खतरनाक श्रेणी की सीमा पर पहुंच गया। सुबह कुछ देर की बारिश प्रदूषण को धुल पाई।
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- फोटो : ANI
शनिवार दोपहर करीब दो बजे ग्रेनो का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 443 दर्ज किया गया। हालांकि शाम पांच बजे यह स्तर 409 पर आ गया। दिल्ली स्काईमेट के मौसम वैज्ञानिक डॉ. महेश पलावता ने बताया कि हल्की बारिश के बाद आर्द्रता में इजाफा हुआ।
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- फोटो : ANI
इसके बाद धूल और प्रदूषण के कण वायुमंडल की निचली सतह पर एकत्र हो गए। वहीं, हवा नहीं चलने से वायु प्रदूषण रुका रहा। शनिवार को वायु की रफ्तार तीन किमी प्रति घंटे से भी कम रही।
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- फोटो : ANI
डॉ. पलावता ने बताया कि यह कोहरा नहीं बल्कि स्मॉग की चादर है। सुबह 6:30 बजे बारिश के बाद दृश्यता में कमी रही। रविवार को भी हवा नहीं चलने से कोहरा रहने की संभावना जताई गई है।
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- फोटो : ANI
वाहनों की रफ्तार थमी
सुबह और देर शाम को घने स्मॉग की वजह से नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार कम रही। विशेषकर सुबह पांच से आठ बजे तक वाहन चालाकों को अधिक दिक्कत हुई।
सुबह और देर शाम को घने स्मॉग की वजह से नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार कम रही। विशेषकर सुबह पांच से आठ बजे तक वाहन चालाकों को अधिक दिक्कत हुई।