कृषि कानूनों को रद्द कराने के लिए सिंघु बॉर्डर पर धरना देकर बैठे किसानों ने अपनी दिनचर्या को तय कर लिया है। जहां किसान सबसे पहले सुबह उठकर दैनिक कार्य करके नहाते ही शबद कीर्तन करते हैं तो कुछ किसान चाय व पकौड़े तैयार करने में लग जाते हैं। नाश्ता करने के बाद धरने में शामिल होते हैं और वहां कुछ समय बैठने के बाद लंगर की तैयारी शुरू कर देते हैं। लंगर में सेवा करने के बाद ताश खेलते हैं तो शाम की चाय भी होती है। उसके बाद शाम के खाने की तैयारी शुरू हो जाती है और रात में काजू-बादाम वाला दूध भी किसान सेहत फिट रखने के लिए पीते हैं। इस तरह से किसानों की दिनचर्या चल रही है। यहां किसानों के लिए कई तरह के इंतजाम जैसे वाशिंग मशीन से लेकर पैर की मालिश करने वाली मशीन तक सभी लगी हैंं। आगे पढ़ें किसानोंं की पूरी दिनचर्या और तस्वीरों में देखें सिंघु बॉर्डर पर मौजूद व्यवस्था...
सिंघु बॉर्डर पर किसान आंदोलनः वाशिंग मशीन से लेकर फुट मसाजर तक किसानों की सेवा में हैं कई इंतजाम
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Sat, 12 Dec 2020 12:00 PM IST
सार
- अब महिला किसान भी दैनिक कार्य में बंटाती हैं हाथ, किसान खाली होने पर ताश खेलते व हुक्का पीते हुए करते हैं आंदोलन पर चर्चा
- लंगर में सेवा जरूर करते हैं किसान, खाना खाकर ट्राली के अंदर व नीचे करते हैं कुछ देर के लिए आराम
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