दिल्ली के वसंतकुंज इलाके में मंगलवार सुबह पानी भरने के दौरान हुए विवाद में एक शख्स ने पड़ोसी महिला को चाकू से गला रेतकर मौत के घाट उतार दिया, वहीं उसके पति का हाथ भी काट दिया। महिला के पति का इलाज सफदरजंग अस्पताल में चल रहा है। हमले के बाद आरोपी पड़ोसी मौके से फरार हो गया था। वारदात के चंद ही घंटों बाद पुलिस ने आरोपी अर्जुन उर्फ नेपाली (30) को इलाके से दबोच लिया। उस पर पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वसंतकुंज नॉर्थ थाना पुलिस आरोपी से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
दिल्ली में पानी के लिए हत्या: पूरा इलाका नेपाली के आतंक से है परेशान, शिकायत पर भी पुलिस ने नहीं की कार्रवाई
पूरा इलाका नेपाली के आतंक से परेशान, श्यामकला से कई बार हुआ था झगड़ा...
अर्जुन उर्फ नेपाली और उसके परिवार के कई सदस्यों के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। खुद नेपाली पर चोरी और हत्या का केस दर्ज है। इसका बड़ा भाई कृष्णा भी एक मामले में फिलहाल जेल में बंद है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आए दिन नेपाली किसी न किसी पर जानलेवा हमला करता ही रहता था। आरोपी की पहले भी तीन-चार बार श्यामकला से कहासुनी हुई थी। किसी ने किसी बात पर अर्जुन श्यामकला और उसके परिवार को धमकाता रहता था। श्यामकला के बेटे शिवकुमार ने बताया कि उसने चार बार वसंतकुंज थाने में अर्जुन के खिलाफ शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस बस खानापूर्ति करके उसे हमेशा छोड़ देती थी।
हर 10 झुग्गियों पर लगा एक नल, पानी की नहीं थी कोई समस्या...
दलित एकता कैंप में रहने वाले शिव कुमार के दोस्त सुशील कुमार ने बताया कि यहां करीब 500 से अधिक झुग्गियां हैं। करीब 10 झुग्गियों के बाद यहां एक सार्वजनिक नल लगा है। उस पर भी तीन टाइम पानी है। अगर देखा जाए तो यहां पानी की कोई समस्या नहीं है। मंगलवार को हुआ झगड़ा बस पहले पानी भरने को लेकर हुआ था। अर्जुन उर्फ नेपाली श्यामकला से डिब्बे हटाकर पहले खुद पानी भरने की बात कर रहा था। वहीं श्यामकला काम पर देर होने की बात कर पहले पानी भरने की गुहार लगा रही थी। स्थानीय लोगों ने कहा कि पुलिस किसी तरह अर्जुन के मकान को सील कर उसे यहां से किसी दूसरे स्थान पर शिफ्ट करवा दे।
परिजनों का रोते-रोते बुरा हाल...
शिवकुमार ने बताया कि उसने अचानक शोर सुना और वह भागकर वहां आया तो सड़क पर चारों ओर खून ही खून बिखरा था। यहां तक आसपास की झुग्गियों में खून के छींटे गए थे। उसकी मां जमीन पर मृत पड़ी थी। पिता भी दर्ज से छटपटा रहे थे। यह नजारा देखकर उसे चक्कर आ गए। हंगामे की आवाज सुनकर पास में रहने वाली श्यामकला की बेटी मंजू भी वहां पहुंच गई।
माता-पिता को इस हालत में देखकर वह जोर-जोर से दहाड़े मारने लगी। बाद में पुलिस आई। घटना के बाद से परिजनों का रोते-रोते बुरा हाल है। मां की मौत की खबर सुनकर मीराबाग में रहने वाली छोटी बेटी अंजू भी वहां पहुंच गई। परिवार ने आरोपी अर्जुन को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाने की बात की।