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प्रदूषण : NGT की शर्तों पर ऑड-ईवन के लिए दिल्ली सरकार ने मांगी एक साल की मोहलत, जानें क्यूं

Tue, 14 Nov 2017 10:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 14 Nov 2017 10:37 AM IST
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delhi government demanded one year of time to apply odd even scheme in delhi
odd even - फोटो : अमर उजाला

दिल्ली सरकार ने सोमवार को पुनर्विचार याचिका दायर कर कहा है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की शर्तों पर सम-विषम लागू करने में उसे एक साल का वक्त लगेगा। सरकार फिलहाल दोपहिया वाहनों, महिला चालकों को छूट की श्रेणी में रखना चाहती है।

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odd even - फोटो : अमर उजाला

याचिका में सरकार ने माना है कि उनके पास बसें कम हैं। याचिका पर एनजीटी में आज सुनवाई होगी। सरकार ने कहा है कि उन्हें एनजीटी की शर्तों पर सम-विषम लागू करने के लिए एक साल का समय या 2000 नई बसें आने तक छूट दी जाए। इसमें जो भी पहले हो जाएगा सरकार उसे ही मानेगी।

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ऑड ईवेन से जूझती जनता - फोटो : self

सरकार ने याचिका में लिखा है कि दिल्ली में 1.06 करोड़ वाहन रजिस्टर्ड हैं। इसमें 68.03 लाख दोपहिया हैं, जिसे सम-विषम के छूट के दायरे से बाहर रखने को कहा है। अगर इन्हें भी छूट के दायरे से बाहर किया गया तो सरकार को इसके लिए कम से कम 2500 अतिरिक्त बसें चाहिए।

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- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली

सरकार के मुताबिक, दोपहिया वाहनों के हटने से रोजाना करीब 25 लाख अतिरिक्त यात्री सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में आ जाएंगे। उसके लिए हम तैयार नहीं हैं। सरकार ने कहा है कि जब तक हम और बसें नहीं लाते तब तक सुरक्षा कारणों के चलते महिला चालक और बसें नहीं होने के कारण दोपहिया को छूट दी जाए। बसों के लिए सरकार ने पार्किंग की जगह नहीं होने की बात भी याचिका में लिखी है।

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odd even - फोटो : अमर उजाला

सरकार ने बताया कि वह 2000 बसें खरीदने को मंजूरी दे चुके हैं। 1000 क्लस्टर में और 1000 बसें डीटीसी लेगी। सरकार ने याचिका में दावा किया है कि अगले छह महीने में बसें आने लगेंगी। मगर सच्चाई यह है कि अभी तक डीटीसी ने बसों के लिए टेंडर तक जारी नहीं किया है। यह कब तक होगा यह भी डीटीसी अधिकारी बताने की स्थिति में नहीं हैं। 

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