{"_id":"6a9ff91b1f888001290d098a","slug":"the-delhi-high-court-denied-bail-to-man-accused-of-murdering-his-live-in-partner-he-has-in-jail-for-four-years-2026-09-08","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली हाईकोर्ट: चार साल से जेल में बंद है लिव-इन पार्टनर की हत्या का आरोपी, नहीं मिली जमानत; ये है बड़ी वजह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली हाईकोर्ट: चार साल से जेल में बंद है लिव-इन पार्टनर की हत्या का आरोपी, नहीं मिली जमानत; ये है बड़ी वजह
Tue, 08 Sep 2026 05:31 PM IST
Rahul Kumar Tiwari
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: Rahul Kumar Tiwari
Updated Tue, 08 Sep 2026 05:31 PM IST
सार
दिल्ली हाईकोर्ट ने लिव-इन पार्टनर की हत्या के आरोपी को जमानत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि आरोपी ने परिजनों को गलत जानकारी देने के साथ पुलिस को भी गुमराह किया।
विज्ञापन
कोर्ट का फैसला
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
दिल्ली हाईकोर्ट ने अपनी लिव-इन पार्टनर की हत्या करने और उसके परिजनों को सूचना दिए बिना शव का अंतिम संस्कार करने के आरोपी व्यक्ति की जमानत याचिका खारिज कर दी है। न्यायमूर्ति मधु जैन ने कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री प्रथम दृष्टया संकेत देती है कि आरोपी ने महिला की जान लेने के अलावा पुलिस को गुमराह किया और पीड़िता के परिजनों को गलत जानकारी दी। हाईकोर्ट ने अपराध की गंभीरता और आरोपी पर लगाए गए आरोपों को देखते हुए कहा कि जमानत देने का कोई आधार नहीं बनता है।
विज्ञापन
अदालत ने तीन सितंबर को जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि 'रिकॉर्ड पर रखी गई सामग्री प्रथम दृष्टया संकेत देती है कि आवेदक (आरोपी) ने न केवल मृतका की जान ली, बल्कि उसके परिजनों को गलत जानकारी दी और पुलिस को गुमराह किया, जिसके कारण एफआईआर दर्ज करने में देरी हुई।'
अभियोजन पक्ष के अनुसार, पीड़ित महिला मई 2021 से आरोपी व्यक्ति के साथ रह रही थी और 14-15 अप्रैल 2022 की दरम्यानी रात उसकी मौत हुई थी। आरोप है कि आरोपी ने 15 अप्रैल 2022 को महिला के मायके वालों को सूचना दिए बिना निगम बोध घाट पर उसका अंतिम संस्कार कर दिया। इस दौरान महिला का कोई चिकित्सकीय परीक्षण या पोस्टमार्टम भी नहीं कराया गया। महिला के पिता की शिकायत पर फर्श बाजार थाने में हत्या और सबूत मिटाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, पीड़ित महिला मई 2021 से आरोपी व्यक्ति के साथ रह रही थी और 14-15 अप्रैल 2022 की दरम्यानी रात उसकी मौत हुई थी। आरोप है कि आरोपी ने 15 अप्रैल 2022 को महिला के मायके वालों को सूचना दिए बिना निगम बोध घाट पर उसका अंतिम संस्कार कर दिया। इस दौरान महिला का कोई चिकित्सकीय परीक्षण या पोस्टमार्टम भी नहीं कराया गया। महिला के पिता की शिकायत पर फर्श बाजार थाने में हत्या और सबूत मिटाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
22 अप्रैल 2022 से हिरासत में मौजूद आरोपी ने इस आधार पर जमानत मांगी थी कि वह चार साल से जेल में है और मामले के 26 गवाहों में से अब तक केवल चार की गवाही हुई है। आरोपी के वकील ने दावा किया कि व्यक्ति ने महिला की मौत की जानकारी उसके परिजनों को दी थी और निगम बोध घाट पर अंतिम संस्कार किया गया था, न कि किसी सुनसान स्थान पर। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी ने महिला की मौत से एक दिन पहले उसे डॉक्टर के पास ले गया था।
अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी ने न तो पीड़िता के परिजनों को उसकी मौत की जानकारी दी और न ही उन्हें सही तथ्य बताए। इसके बजाय उसने झूठा बताया कि महिला घर छोड़कर चली गई है। यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपी ने श्मशान घाट पर गलत जानकारी दी और दावा किया कि महिला की मौत हार्ट अटैक से हुई है। जबकि उसने न तो महिला को डॉक्टर के पास ले गया और न ही उसकी मौत वाली जगह पर किसी डॉक्टर को बुलाया।
सरकारी वकील ने आगे दलील दी कि आरोपी ने पुलिस को सूचना देने से पहले ही महिला के शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गया और इस दौरान कोई चिकित्सकीय परीक्षण भी नहीं कराया गया।
सरकारी वकील ने आगे दलील दी कि आरोपी ने पुलिस को सूचना देने से पहले ही महिला के शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गया और इस दौरान कोई चिकित्सकीय परीक्षण भी नहीं कराया गया।