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गलियों में छिपे पीजी, वहां भी खतरा: सत्य निकेतन जैसे पूर्वी दिल्ली के भी हालात; सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल

Tue, 08 Sep 2026 05:15 PM IST
अनुज कुमार मोहित शुक्ला, अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
मोहित शुक्ला, अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Tue, 08 Sep 2026 05:15 PM IST
सार

सत्य निकेतन में पांच मंजिला पीजी इमारत ढहने के बाद पूर्वी दिल्ली में पीजी-हॉस्टलों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठे हैं। सोमवार को लक्ष्मी नगर और शकरपुर की पड़ताल में सामने आया कि रिहायशी मकानों के बीच कई मंजिल तक पीजी चल रहे हैं। इनकी पहचान करना मुश्किल है और संकरी सीढ़ियां व गलियां आपातकालीन स्थिति में जोखिम बढ़ाती हैं।

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Questions raised regarding safety of PGs and hostels in East Delhi following Satya Niketan incident
दिल्ली में इमारत हादसा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सत्य निकेतन में पांच मंजिला पीजी इमारत ढहने के बाद पूर्वी दिल्ली में पीजी-हॉस्टलों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। सोमवार को लक्ष्मी नगर और शकरपुर की गलियों में की गई पड़ताल में सामने आया कि रिहायशी मकानों के बीच कई मंजिल तक पीजी चल रहे हैं। बाहर से इनकी पहचान करना भी आसान नहीं है। कहीं पीजी का बोर्ड नहीं है तो कहीं गली या मकान नंबर के सहारे छात्रों को कमरे तक पहुंचाया जाता है।

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लक्ष्मी नगर मेट्रो के आसपास से शकरपुर की ओर बढ़ते ही वीर सावरकर ब्लॉक, उपाध्याय ब्लॉक, अरुणा पार्क और आसपास की गलियों में ऐसे कई मकान नजर आते हैं। सामान्य दिखने वाले इन भवनों में कितने लोग रह रहे हैं और उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से हो रहा है, इसका अंदाजा बाहर से लगाना मुश्किल है। कई जगह तीन से पांच मंजिल तक के मकान मिले। ऊपर जाने के लिए संकरी सीढ़ियां हैं। 

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Questions raised regarding safety of PGs and hostels in East Delhi following Satya Niketan incident
सत्य निकेतन बिल्डिंग घटनास्थल के आस पास कुछ इस तरह का नजारा, जहां कई इमारतों में पीजी भी हैं - फोटो : संवाद / भूपिंदर सिंह

आग या किसी अन्य आपात स्थिति में यही मुख्य निकासी मार्ग बन सकता है। एक ही सीढ़ी से कई मंजिलों के लोगों के निकलने पर भगदड़ और धुएं का खतरा बढ़ सकता है। संकरी गलियों में सड़क किनारे खड़े वाहन भी आपातकालीन वाहनों की आवाजाही में बाधा बन सकते हैं।

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पांच मंजिल वाले भवनों पर लगेगी सील, शुरू होगा सुरक्षा ऑडिट : सीएम
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने शहर में पांच मंजिल वाले भवनों पर कार्रवाई का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को मौके पर पहुंचकर दूसरे दिन के बचाव अभियान की समीक्षा की और पांच मंजिल वाले भवनों को तत्काल सील करने के निर्देश दिए। पुराने भवनों का स्ट्रक्चरल ऑडिट भी कराया जाएगा। 

Questions raised regarding safety of PGs and hostels in East Delhi following Satya Niketan incident
लक्ष्मी नगर में मेट्रो पिलर नंबर 43 के सामने मेन गली में पीजी के लिए टांगे गए नंबर - फोटो : अमर उजाला

वहीं, पीजी, नर्सिंग होम, स्कूल और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भवन की सुरक्षा प्रमाणित करना अनिवार्य करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में पांचवीं मंजिल वाले भवनों को तत्काल सील किया जाएगा। लापरवाही के लिए जिम्मेदार एमसीडी अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई होगी। 

सरकार का यह कदम सत्य निकेतन हादसे के बाद दूसरे पुराने और असुरक्षित भवनों में संभावित खतरे को रोकने के तौर पर देखा जा रहा है। सरकार ऐसे सभी पुराने भवनों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने की तैयारी कर रही है। नई नीति के तहत पुराने भवनों के मालिकों को उनकी संरचनात्मक सुरक्षा की रिपोर्ट देनी होगी। खासकर पीजी, नर्सिंग होम, स्कूल और दूसरे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को संचालित करने से पहले भवन की सुरक्षा का प्रमाण देना जरूरी होगा।

Questions raised regarding safety of PGs and hostels in East Delhi following Satya Niketan incident
सत्य निकेतन बिल्डिंग घटनास्थल के आस पास कुछ इस तरह का नजारा, जहां कई इमारतों में पीजी भी हैं। - फोटो : संवाद / भूपिंदर सिंह
बेसमेंट में पानी जमा होना बना हादसे की वजह
मुख्यमंत्री के मुताबिक सत्य निकेतन की पुरानी इमारत के बेसमेंट में पानी जमा था। इसी के साथ भवन में मरम्मत का काम भी चल रहा था। पानी और पुराने ढांचे पर चल रहे मरम्मत कार्य के कारण इमारत ढह गई।
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