इलाज के लिए बंगलूरू जाएंगे सीएम केजरीवाल, 10 दिन तक चलेगा इलाज
केजरीवाल बृहस्पतिवार को इलाज कराने 10 दिन के लिए बंगलूरू जा रहे हैं। दूसरी तरफ, दिल्ली के आईएएस अधिकारियों ने बुधवार को भी मौन व्रत रखा। अधिकारी बैठक में मुख्यमंत्री से सुरक्षा का भरोसा मिले बगैर प्रदर्शन खत्म करने को तैयार नहीं हैं। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया कि राजनिवास जाने से पहले ही मुख्यमंत्री का शुगर लेवल सामान्य नहीं था।
शायद उन्हें दो दिन बाद बंगलूरू इलाज के लिए जाना था लेकिन वह संभव नहीं हो सका। वहीं, मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारी बता रहे हैं कि दिनचर्या खराब होने से शुगर लेवल काफी बढ़ गया है। नेचुरोपैथी कराने केजरीवाल बृहस्पतिवार को 10 दिन के बंगलूरू रवाना हो रहे हैं। वापस लौटने पर ही वह सचिवालय जाएंगे। उनकी अनुपस्थिति में सारा कामकाज उपमुख्यमंत्री के जिम्मे रहेगा।
बैठक में शामिल हुए अधिकारी, रखा मौन व्रत
दिल्ली सरकार के मंत्री बुधवार को सचिवालय पहुंचे। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया कि सभी मंत्री बैठक कर रहे हैं। इसमें कमोबेश सभी विभागीय अधिकारी भी पहुंच रहे हैं। सारा कामकाज पटरी पर लौट आया है। दूसरी तरफ, अधिकारियों का कहना था कि मुख्यमंत्री ने अभी बैठक नहीं की है। उपमुख्यमंत्री समेत दूसरे मंत्रियों ने बैठकें ली, जिसमें पहले की तरह जरूरत के हिसाब से अधिकारी पहुंचे।
अधिकारियों का दावा है कि बगैर मुख्यमंत्री की बैठक में सुरक्षा का भरोसा मिले वह अपना विरोध प्रदर्शन खत्म नहीं करेंगे। एसोसिएशन ने बुधवार को भी अपने ट्वीट अकाउंट पर मौन व्रत की तस्वीरें शेयर कीं। बता दें कि मुख्यमंत्री आवास में 19 फरवरी को मुख्य सचिव अंशु प्रकाश पर हुए कथित हमले के विरोध में पूरी दिल्ली सरकार के अफसरों व कर्मचारियों का लंच के वक्त मौन व्रत जारी है। यह मौन व्रत दिल्ली सचिवालय से लेकर डीसी ऑफिस व सरकार के अन्य सभी कार्यालयों में किया जाता है। सरकारी काम में कोई बाधा न हो, इसके लिए सरकारी अधिकारी मुख्य सचिव पर हुए कथित हमले के खिलाफ लंच के वक्त मौन व्रत रख रहे हैं। इस व्रत को अभी रोका नहीं गया है।