दिल्ली पुलिस ने नाकाम किए दहशतगर्दों के मंसूबे, पांच आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद हुए ये खुलासे
पूछताछ के दौरान जांच एजेंसियों को इन आतंकियों ने बताया कि पाकिस्तान में बैठे खालिस्तानी आतंकी और आईएसआई पंजाब में टारगेट किलिंग को अंजाम दे रहे हैं। आईएसआई गैंगस्टर का इस्तेमाल कर रही है। ड्रग्स के पैसों का आतंकी साजिश में इस्तेमाल किया जा रहा है। ये बड़े हमले करने की फिराक में थे। इनके पास से ड्रग्स और हथियार बरामद हुए हैं। इन्होंने बलविंदर संधू की हत्या की बात कबूली है।
दिल्ली पुलिस ने कहा, 'आतंकियों के कब्जे से तीन पिस्टल, दो किलोग्राम हेरोइन और एक लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं। इन दोनों के खाड़ी देश में रहने वाले सुखमीत नाम के व्यक्ति और कुछ अन्य गैंगस्टर से संबंध हैं। ये गैंगस्टर हैं और इनका पाकिस्तान स्थित आईएसआई के गुर्गों से भी संबंध है।'
कुशवाहा ने कहा, 'गिरफ्तार किए गए तीनों कश्मीरियों को हिज्बुल मुजाहिदीन का ओवर ग्राउंड वर्कर कहा जा सकता है। इन्होंने पाकिस्तान और पीओके में उनके समकक्षों का सेटअप किया हुआ है। आईएसआई दो आंदोलनों के बीच एक गोंद के रूप में काम करना चाहती है और दो आतंकवादी निष्कर्षों (टेरर फाइंडिंग) को जोड़ने की कोशिश कर रही है।'
उन्होंने आगे कहा, 'इस मामले के 2 घटक हैं। एक घटक कश्मीर का है, दूसरा पंजाब के गैंगस्टर्स का है। पंजाब के गैंगस्टर टारगेट किलिंग में शामिल हैं और कश्मीर के घटक ड्रग्स में शामिल हैं। वे ड्रग्स बेचते हैं और इसके साथ आतंकी वित्तपोषण में लिप्त हैं।'
जब डीसीपी प्रमोद कुशवाहा से पूछा गया कि क्या इस मामले का दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे विरोध प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है तो उन्होंने कहा कि इन पांचों आतंकियों का किसान आंदोलन से कोई संबंध नहीं है।