6 से 13 अक्तूबर को जकार्ता (इंडोनेशिया) में आयोजित होने वाले पैरा एशियाड में गुरुग्राम की पैरा एथलीट दीपा मलिक खेलेंगी। पिछले पैरा एशियाड में भाला फेंक स्पर्धा में विश्व कीर्तिमान के साथ रजत पदक जीतने वाली दीपा इस बार दो स्पर्धाओं में देश का प्रतिनिधित्व करेंगी। हाल ही में संपन्न हुए एशियाड में हरियाणा के खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के बाद आगामी पैरा एशियाड को लेकर उम्मीदें बंध गई हैं।
‘अमर उजाला’ से खास बातचीत में दीपा मलिक ने बताया कि वह पैरा एशियाड की दो स्पर्धाओं, भाला फेंक (जेवलिन थ्रो) और गोला फेंक (डिस्कस थ्रो) में हिस्सा ले रहीं हैं। गुरुग्राम के जिला खेल विभाग में बतौर पैरा कोच दीपा ने आगे बताया कि पिछले एशियाड में भाला फेंक में बनाए विश्व कीर्तिमान को तोड़कर देश के लिए मेडल जीतना ही उनका लक्ष्य है।
इसके लिए उन्होंने वर्षों से बढ़ाए अपने लंबे बालों को भी कटवा लिया ताकि प्रैक्टिस के लिए और समय मिल सके। गुरुग्राम और दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में कोच सनी जोसवा और फिटनेस ट्रेनर विनय सांगवान के निर्देशन में वह प्रैक्टिस कर रहीं हैं। दीपा के कोच का कहना है कि जिस रणनीति और मेहनत के साथ तैयारी की जा रही है मैदान में अगर वही प्रदर्शन बरकरार रहा तो पैरा एशियाड की सूची में दो गोल्ड दीपा के होंगे।
नादिया का तोड़ ढूंढ रहीं दीपा
रियो पैरालंपिक के फाइनल मुकाबले में बहरीन की नादिया फातिमा के हाथों दीपा को मिली हार का एशियाड के लिए तोड़ ढूंढ रहीं हैं। दीपा के मुताबिक पैरा एशियाड में नादिया डिस्कस थ्रो और जेवलिन थ्रो स्पर्धाओं में सामने होगी। वह नादिया के खेल पर भी नजर रख रही हैं ताकि एशियाड में उन्हें हराकर पैरालंपिक का बदला ले सकें।
पैरा एशियाड में दीपा का सफर
2010 में हुए पहले पैरा एशियाड में दीपा ने कांस्य पदक हासिल किया था। पैरा एशियाड में मेडल जीतने वाली पहली महिला एथलीट थी। 2014 में हुए दूसरे पैरा एशियाड में भाला फेंक स्पर्धा में दीपा ने नया विश्व कीर्तिमान स्थापित करते हुए सिल्वर मेडल जीता था।