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दिल्ली में प्रदर्शन पर लगाम की मांग: हाईकोर्ट में व्यापारियों ने बताई परेशानी, दो हजार करोड़ के नुकसान का दावा
Tue, 13 Oct 2026 05:11 PM IST
Rahul Kumar Tiwari
नई दिल्ली, पीटीआई
नई दिल्ली, पीटीआई
Published by: Rahul Kumar Tiwari
Updated Tue, 13 Oct 2026 05:11 PM IST
सार
दिल्ली हाईकोर्ट ने विरोध प्रदर्शनों को नियंत्रित करने की मांग वाली याचिकाओं पर केंद्र से जवाब मांगा है। व्यापारियों ने प्रदर्शन और बैरिकेडिंग से 2,000 करोड़ रुपये तक के नुकसान का दावा किया।
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दिल्ली हाईकोर्ट में प्रदर्शन पर सवाल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को उन याचिकाओं पर केंद्र सरकार का रुख पूछा, जिनमें व्यापारियों, रेहड़ी-पटरी वालों और वकीलों ने राजधानी में विरोध प्रदर्शनों को लागू मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) के अनुसार नियंत्रित करने की मांग की है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नितिन वासुदेव सांब्रे और न्यायमूर्ति संजय शर्मा की पीठ ने केंद्र सरकार और अन्य प्राधिकरणों की ओर से पेश वकीलों को निर्देश लेने के लिए कहा। इसके बाद मामले को शुक्रवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने की बात कही गई।
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पीठ ने याचिकाकर्ताओं से विरोध प्रदर्शनों से संबंधित सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं की प्रति भी रिकॉर्ड पर लाने को कहा। पीठ ने याचिकाकर्ताओं से कहा, 'हम ऐसे मामले के दायरे में नहीं आना चाहते, जिस पर सुप्रीम कोर्ट में पहले से सुनवाई चल रही है।' अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने बताया कि शीर्ष अदालत में दायर याचिकाओं पर सुनवाई 15 अक्तूबर तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
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इस साल जून-जुलाई से दिल्ली के मध्य क्षेत्र में चुनाव आयोग के कामकाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर विपक्षी दलों, छात्र संगठनों और नागरिक समाज के सदस्यों की ओर से बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकीलों ने दलील दी कि सुप्रीम कोर्ट विरोध प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के संबंध में कई निर्देश दे चुका है, जिनका पालन किया जाना चाहिए।
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व्यापारियों की ओर से पेश वरिष्ठ वकील संजय पोद्दार ने कहा कि त्योहारों का मौसम होने के कारण अक्तूबर से फरवरी तक का समय कारोबार के लिए 'सबसे अच्छा समय' होता है। हाल के विरोध प्रदर्शनों के कारण कारोबार पर प्रतिकूल असर पड़ा है।
याचिकाकर्ता और वकील ऋषभ सक्सेना की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सच्चिन पुरी ने कहा कि हाल के दिनों में मध्य दिल्ली में सैकड़ों-हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया, जिससे जनजीवन पूरी तरह ठप हो गया। मामले का उल्लेख करते हुए पुरी ने दलील दी, 'हाल के दिनों में बैरिकेडिंग और विरोध प्रदर्शनों के तरीके के कारण व्यापारियों को 2,000 करोड़ रुपये तक का नुकसान हुआ है। लोग कनॉट प्लेस जैसे इलाकों में नहीं पहुंच पा रहे हैं। वहां पहुंचना पूरी तरह असंभव हो गया है।'