मौसम विभाग के 118 सालों के इतिहास में दिसंबर का महीना दूसरी बार सबसे ठंडा होने जा रहा है। पूरे दिसबंर का औसत अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से कम रहेगा। आंकड़ों के मुताबिक 1901 से 2018 तक सिर्फ चार बार दिल्ली-एनसीआर कड़ाके की ठंड से गुजरा है। वर्ष 2019 इस कड़ी का पांचवां साल बनेगा, लेकिन 118 सालों में सिर्फ 1997 की ठंड इस साल से ज्यादा रहेगी। बाकी तीन सालों का तापमान 2019 से ज्यादा था।
दिल्ली में सर्दी ने तोड़े कई रिकॉर्ड, 118 सालों में दूसरा सबसे ठंडा महीना रहेगा दिसंबर
मौसम विभाग की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, 1901 से 2018 के बीच 1919, 1929, 1961 व 1997 में दिसंबर का अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस या इससे नीचे गया है। सबसे ज्यादा ठंड 1997 में पड़ी थी। उस साल दिसंबर का औसत तापमान 17.3 डिग्री सेल्सियस चला गया था। मौसम विभाग का कहना है कि इस साल 26 दिसंबर तक का औसत अधिकतम तापमान 19.85 डिग्री सेल्सियस रहा है। मौजूदा मौसमी दशाओं से 31 दिसंबर तक इसके 19.15 डिग्री सेल्सियस पहुंच जाने की उम्मीद है। ऐसे में118 सालों में 1997 के बाद से यह सबसे ठंडा दिसंबर साबित होगा।
1997 के बराबर हुई ठंडे दिनों की संख्या
मौसम विभाग का कहना है कि इस साल दिल्ली-एनसीआर में 14 दिसंबर से कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हुआ था। इस बीच अभी तक 13 दिन बेहद ठंडे रहे हैं। इससे पहले 1997 में भी सर्द दिनों की संख्या 13 थी। विभाग का पूर्वानुमान है कि 29 दिसंबर तक यही हालात रहेंगे। इस साल अधिकतम तापमान सबसे नीचे 18 दिसंबर को 12.2 डिग्री सेल्सियस सफदरजंग व 25 दिसंबर को पालम में 11.4 डिग्री सेल्सियस था।
29 से हालात हो सकते हैं बेहतर, नए साल पर ओलावृष्टि
मौसम विभाग के वैज्ञानिक कुलदीप श्रीवास्तव बताते हैं कि 29 दिसंबर को हवाओं की दिशा बदलेगी। यह उत्तर पश्चिम से पुरवा हो जाएगी। इससे पारा मामूली ऊपर जाएगा। दूसरी तरफ पश्चिमी विक्षोभ की वजह से 31 दिसंबर से दो जनवरी तक दिल्ली-एनसीआर में बारिश हो सकती है। एक व दो जनवरी को ओलावृष्टि होने की भी उम्मीद है।
कब-कब रहे सर्वाधिक ठंडे रहे दिसबर
साल अधिकतम तापमान
1919 19.8 डिग्री सेल्सियस
1929 19.8 डिग्री सेल्सियस
1961 20 डिग्री सेल्सियस
1997 17.3 डिग्री सेल्सियस