पैन पैसिफिक स्कूल गेम्स में ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड गई दिल्ली की फुटबॉल टीम की खिलाड़ी नितिशा नेगी (16) का शव शनिवार दोपहर को दिल्ली लाया गया। 10 दिसंबर को ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड में समुद्र में नहाने के दौरान ऊंची लहरों की चपेट में आकर नितिशा समेत पांच अन्य छात्राएं डूब गई थीं। जिसमें से चार को बचा लिया गया।
ऑस्ट्रेलिया से लाया गया फुटबॉलर नितिशा का शव, आज होगा अंतिम संस्कार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोमवार को नितिशा का शव समुद्र से बरामद हुआ। विदेश मंत्रालय के दखल के बाद शनिवार दोपहर को शव भारत लाया गया। रविवार को उसके शव निगमबोध घाट पर अंतिम संस्कार किया जाएगा। शनिवार को उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरिश रावत ने गढ़वाल भवन पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। पीड़ित परिवार के एक सदस्य ने बताया कि विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने शनिवार को शव भारत मंगाने का दावा किया था।
सारी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शनिवार दोपहर करीब 2.45 बजे नितिशा का शव दिल्ली लाया गया। शव को फिलहाल पचकुंइया रोड स्थित गढ़वाल भवन में रखा गया है। रविवार सुबह 5.30 बजे शव को खिचड़ीपुर स्थित उसके घर ले जाया जाएगा। बाद में सुबह करीब 9.30 बजे निगमबोध घाट पर अंतिम संस्कार होगा। शव दिल्ली पहुंचते ही नितिशा के घर में कोहराम मच गया। नितिशा की मौत से परिजनों का रोते-रोते बुरा हाल है।
बता दें कि दिल्ली के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों की 16 सदस्यीय छात्राओं की फुटबॉल टीम 30 नवंबर को ऑस्ट्रेलिया गई थी। इसमें नितिशा नेगी (16), युक्ति वर्मा (17) (दोनों 11वीं, सरकारी स्कूल) वाणी पंत (17)11वीं की छात्रा, दीपिका वेंकटेश (17)12वीं छात्रा (दोनों एलकॉन पब्लिक स्कूल) व अनन्या अरोड़ा (13) (समरविले स्कूल) भी शामिल थीं। 10 दिसंबर दोपहर को एडिलेट स्थित समुद्र के बीच पर नहाने के दौरान यह पांचों छात्राएं समुद्र की लहरों में डूबने लगीं।
इसी दौरान नितिशा को छोड़कर बाकी सभी को बचा लिया गया। पांचों छात्राओं में से दीपिका वेंकेटेश अभी भी ऑस्ट्रेलिया के अस्पताल की भर्ती हैं। नितिशा का शव सोमवार को समुद्र से बरामद हुआ। शुरुआत में कहा जा रहा था कि नितिशा का शव भारत पहुंचने में 10 से 12 दिन का समय लग जाएगा, लेकिन एक सप्ताह बाद ही शव भारत पहुंच गया। दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया गई ज्यादातर छात्राएं दिल्ली वापस आ गई हैं।