इस एक वजह से पति ने पत्नी के कर दिए 7 टुकड़े, पहचान मिटाने के लिए चाकू से गोदा चेहरा
मुख्य आरोपी ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी इंजीनियरिंग की हुई है। दक्षिण-पूर्व जिला डीसीपी चिन्मय बिश्वाल के अनुसार, सरिता विहार के ओखला टैंक जंगल के पास खाली प्लाट में एक बैग व कॉर्टन 21 जून को सुबह सवा आठ बजे मिले थे। खोलने पर इनमें सात टुकड़ों में महिला का शव मिला। कार्टन को रस्सी व टेप से बांधा गया था। बैग में कोहनी से ऊपर दोनों हाथ, घुटने से नीचे पैर, एक जांघ व सिर और कार्टन में घड़ था।
चेहरे को चाकू से बुरी तरह गोदा हुआ था, ताकि महिला की पहचान नहीं हो सके। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अमित शर्मा की देखरेख में थानाध्यक्ष मुकेश कुमार, इंस्पेक्टर रामनिवास, एसआई बेंकटेश व नागेंद्र नागर की टीम कार्टन पर लिखे गुरुग्राम स्थित मूवर्स एंड पैकर्स कंपनी के पते पर पहुंची। पता चला कि इस कार्टन में अलीगढ़ निवासी जावेद का यूईए से अलीगढ़ के लिए सामान आया था। जावेद का दिल्ली के शाहीन बाग में भी मकान है। जावेद ने सामान के कुछ कार्टन दिल्ली के मकान में डाल दिए थे और कुछ मेड ले गई थी। मेड के पास सभी कार्टन मिल गए। जावेद ने बताया कि उसने मकान को बिहार निवासी साजिद अली अंसारी व उसके भाई इश्तियाक आलम को किराए पर दे रखा है।
रांग नंबर से दोस्ती के बाद किया था प्रेम विवाह
साजिद अली ने बताया कि वर्ष 2010 में गलती से उसका फोन छपरा, बिहार निवासी जूही को लग गया था। इसके बाद दोनों में दोस्ती हो गई। साजिद जूही से मिलने छापरा जाने लगा। जूही ने बीए ऑनर्स (साइकोलॉजी) किया हुआ था। मो. साजिद ने कुरुक्षेत्र मेकेनिकल इंजीनियरिग से बी.टेक किया था। वर्ष 2014 में दोनों ने शादी कर ली थी। उनकी ढ़ाई व डेढ़ वर्ष की दो बच्चियां हैं। शादी के बाद जूही के परिवारवालों ने उससे संबंध खत्म कर लिए थे।
घर का खर्च चलाने पर भी होता था झगड़ा
वर्ष 2016 में दोनों दिल्ली आ गए। मो. साजिद कोई नौकरी नहीं करता था। घर का खर्चा नहीं चलने पर दंपती के बीच आए दिन झगड़ा होने लगा। इस दौरान मो. साजिद दूसरी युवती के संपर्क में आ गया। वह उससे मोबाइल पर बातचीत, चैटिंग व कॉल करता रहता था। वह पटना में रहने वाली इस दूसरी युवती से शादी करना चहाता था। इसीलिए उसने जूही की हत्या करने की साजिश रच ली।