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Noida News: कम ब्याज पर लोन दिलाने का झांसा देकर ठगी का आरोपी गिरफ्तार
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मोबाइल नंबर और बैंक खातों के सुराग से लोन ठगी के आरोपी तक पहुंची पुलिस
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। कम ब्याज पर बिजनेस और पर्सनल लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले साइबर ठगों के नेटवर्क का पुलिस ने खुलासा किया है। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने गिरोह के मुख्य आरोपी कमल कुमार मिश्रा को सेक्टर-11 मार्केट के पास से गिरफ्तार किया है। आरोपी के मोबाइल की जांच में ठगी से जुड़े कई नंबर और सिम कार्ड मिले हैं। पुलिस के अनुसार, गिरोह में रुण, हर्षित, प्रदीप कुमार झा और कपिल के नाम सामने आए हैं। पुलिस इनकी तलाश कर रही है।
डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि साइबर ठगी की शिकायतों की जांच के दौरान कुछ मोबाइल नंबर पुलिस के रडार पर आए थे। इन नंबरों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायतें दर्ज थीं। पुलिस ने डिजिटल फुटप्रिंट, मोबाइल नंबर और बैंक खातों के लेनदेन की जांच शुरू की। इसी दौरान एक नंबर के लगातार इस्तेमाल की जानकारी सामने आई। जांच में पता चला कि आरोपी अलग-अलग नंबरों से लोगों को फोन करते थे। बातचीत के दौरान उन्हें कम ब्याज पर बिजनेस लोन, पर्सनल लोन और अन्य वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध कराने का भरोसा दिया जाता था। इच्छुक व्यक्ति को लोन प्रक्रिया शुरू कराने के नाम पर पहले प्रोसेसिंग फीस, टैक्स और दूसरे शुल्क जमा करने के लिए कहा जाता था। इसके बाद रकम अलग-अलग बैंक खातों में मंगाकर निकाल ली जाती थी। लोन नहीं मिलने पर पीड़ितों को ठगी का पता चलता था।
पुलिस ने एक संदिग्ध कोटक बैंक खाते की पड़ताल की तो उससे संबंधित दो साइबर ठगी की शिकायतें मिलीं। आगे जांच करने पर अलग-अलग बैंक खातों में भी संदिग्ध लेनदेन का पता चला। एक खाते में करीब 30 हजार और दूसरे खाते में करीब एक लाख रुपये की ठगी से संबंधित जानकारी सामने आई। इसके बाद अन्य राज्यों से मिली शिकायतों को भी जांच में शामिल किया गया। मोबाइल नंबर के धारक की पहचान होने के बाद पुलिस टीम कमल कुमार मिश्रा तक पहुंची। सेक्टर-11 मार्केट के पास उसे कार में बैठे पकड़ा गया। उसके पास से मोबाइल फोन बरामद हुआ। फोन में दो सिम कार्ड मिले। पूछताछ में आरोपी ने साथियों के साथ मिलकर लोन दिलाने के नाम पर लोगों से संपर्क करने की बात स्वीकार की।
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। कम ब्याज पर बिजनेस और पर्सनल लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले साइबर ठगों के नेटवर्क का पुलिस ने खुलासा किया है। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने गिरोह के मुख्य आरोपी कमल कुमार मिश्रा को सेक्टर-11 मार्केट के पास से गिरफ्तार किया है। आरोपी के मोबाइल की जांच में ठगी से जुड़े कई नंबर और सिम कार्ड मिले हैं। पुलिस के अनुसार, गिरोह में रुण, हर्षित, प्रदीप कुमार झा और कपिल के नाम सामने आए हैं। पुलिस इनकी तलाश कर रही है।
डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि साइबर ठगी की शिकायतों की जांच के दौरान कुछ मोबाइल नंबर पुलिस के रडार पर आए थे। इन नंबरों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायतें दर्ज थीं। पुलिस ने डिजिटल फुटप्रिंट, मोबाइल नंबर और बैंक खातों के लेनदेन की जांच शुरू की। इसी दौरान एक नंबर के लगातार इस्तेमाल की जानकारी सामने आई। जांच में पता चला कि आरोपी अलग-अलग नंबरों से लोगों को फोन करते थे। बातचीत के दौरान उन्हें कम ब्याज पर बिजनेस लोन, पर्सनल लोन और अन्य वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध कराने का भरोसा दिया जाता था। इच्छुक व्यक्ति को लोन प्रक्रिया शुरू कराने के नाम पर पहले प्रोसेसिंग फीस, टैक्स और दूसरे शुल्क जमा करने के लिए कहा जाता था। इसके बाद रकम अलग-अलग बैंक खातों में मंगाकर निकाल ली जाती थी। लोन नहीं मिलने पर पीड़ितों को ठगी का पता चलता था।
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पुलिस ने एक संदिग्ध कोटक बैंक खाते की पड़ताल की तो उससे संबंधित दो साइबर ठगी की शिकायतें मिलीं। आगे जांच करने पर अलग-अलग बैंक खातों में भी संदिग्ध लेनदेन का पता चला। एक खाते में करीब 30 हजार और दूसरे खाते में करीब एक लाख रुपये की ठगी से संबंधित जानकारी सामने आई। इसके बाद अन्य राज्यों से मिली शिकायतों को भी जांच में शामिल किया गया। मोबाइल नंबर के धारक की पहचान होने के बाद पुलिस टीम कमल कुमार मिश्रा तक पहुंची। सेक्टर-11 मार्केट के पास उसे कार में बैठे पकड़ा गया। उसके पास से मोबाइल फोन बरामद हुआ। फोन में दो सिम कार्ड मिले। पूछताछ में आरोपी ने साथियों के साथ मिलकर लोन दिलाने के नाम पर लोगों से संपर्क करने की बात स्वीकार की।
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