द्वारका जिले के डाबड़ी इलाके में करीब तीन साल से गायब एक युवक की हत्या की गुत्थी को एएटीएस (एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वायड) ने सुलझा लिया है। हत्या किसी और ने नही बल्कि युवक के सगे मामा ने उसकी गर्लफ्रेंड से नजदीकियां बढ़ाने पर की थी। आरोपी को पुलिस ने हैदराबाद से ढूंढ निकाला। पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड लेकर दिल्ली लाई है और दो दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। पढ़िए दरिंदगी की पूरी दास्तान....
3 साल बाद सामने आई 'कंस' मामा की दरिंदगी, गर्लफ्रेंड के लिए की थी भांजे की हत्या और फिर...
हत्याकांड पर पर्दा डालने के लिए आरोपी ने अपने भांजे के शव को फ्लैट की बालकनी में दफना दिया था। दिल्ली पुलिस को 8 अक्तूबर 2018 को चाणक्या प्लेस-1 के एक मकान की तीसरी मंजिल स्थित बालकनी में खुदाई के दौरान कंकाल मिलने की सूचना मिली। मकान मालिक विक्रम सिंह ने बताया कि वर्ष 2015 में उसने तीसरी मंजिल पर मकान बिजय कुमार महाराणा (35) नामक शख्स को किराए पर दिया था। उसने बालकनी में तुलसी व अन्य पौधे लगाने के नाम पर पौने दो फुट मिट्टी डलवाई थी। कुछ दिनों बाद उसने बताया था कि उसका भांजा जय प्रकाश महाराणा (25) गायब हो गया है।
मकान मालिक के कहने पर 12 फरवरी 2016 को बिजय ने जयप्रकाश की गुमशुदगी डाबड़ी थाने में दर्ज कराई थी। इसके दो माह बाद वह फ्लैट खाली कर चला गया। बाद में कई किराएदार वहां आए, लेकिन बालकनी में शव दबे होने का पता नही चला। लेकिन बालकनी के टूटने पर खुदाई के दौरान कंकाल मिला।
डीएनए जांच से पता चला शव कंकाल जय प्रकाश का है
मकान मालिक से पूछताछ के बाद पुलिस ने कंकाल का डीएनए टेस्ट कराया तो यह स्पष्ट हो गया कि कंकाल जय प्रकाश का ही है। वारदात के बाद से बिजय ने अपने रिश्तेदारों, परिवार और दोस्तों से भी संपर्क नहीं किया था। उसने अपने फोन बंद कर दिए थे। यहां तक बैंक अकाउंट भी बंद कर दिए थे। इस पर पुलिस को शक हो गया कि जयप्रकाश की हत्या में बिजय का हाथ है और उसकी तलाश शुरू कर दी।
ऐसे पकड़ा गया आरोपी
छानबीन के लिए द्वारका जिले की एएटीएस को जिम्मा दिया गया। इंस्पेक्टर राजकुमार, एएसआई मनोज कुमार व सिपाही अर्जुन सिंह की टीम ने बिजय की तलाश के लिए उसके पूर्व सहयोगी, बैंक अकाउंट, लोन अकाउंट, ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी व अन्य जगहों से पड़ताल की। बाद पुलिस को विशाखापटनम में बिजय के एक दोस्त देवाशीष का पता चला। पुलिस गत एक जनवरी को वहां पहुंची। देवाशीष ने बताया कि वह भी बिजय के संपर्क में नही है। कुछ दिनों पूर्व उसे हैदराबाद में देखा गया था। पुलिस ने छानबीन की तो हैदराबाद में बिजय की गर्लफ्रेंड का पता चला। उसकी कॉल डिटेल के आधार पर बिजय को हैदराबाद से दबोच लिया गया। आरोपी एक कंपनी में एचआर मैनेजर की नौकरी कर रहा था। पूछताछ के दौरान बिजय ने बताया कि दिल्ली में वह और उसका भांजा एक ही फ्लैट में रहते थे। मेरी गर्लफ्रेंड मुझसे मिलने फ्लैट में आती थी। इस बीच उसकी नजदीकियां जय प्रकाश से बढ़ गई। यह मुझे नागवार गुजरा और जयप्रकाश की हत्या की साजिश रची। 6 फरवरी 2016 की रात को उसने जयप्रकाश की हत्या कर शव फ्लैट की बालकनी में दफना दिया।