दादरी के सेक्टर ओमीक्रॉन-2 में महिला मंजू यादव, उसके बेटे कृष्णकांत और बेटी प्रियंका की हत्या की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में कृष्णकांत के दोस्त मनीष निवासी ओमीक्रॉन-2 और उसके चार दोस्तों बिट्टू कसाना लोनी गाजियाबाद, प्रवीण भाटी गांव सिरसा, अंकित भाटी दलेलगढ़ दनकौर और तरुण लोहिया डाबरा दादरी को गिरफ्तार किया है।
बहन पर रखी गलत नजर तो कर दिया ट्रिपल मर्डर, आरोपी ने दोस्तों के साथ मिलकर वारदात को दिया अंजाम
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मनीष ने पुलिस को पूछताछ में बताया है कि कृष्णकांत उसकी नाबालिग बहन पर गलत नजर रखता था। इसी कारण उसने दोस्तों के संग मिलकर तीनों की हत्या कर दी। आरोपियों ने वारदात के बाद घर में लूटपाट की और कृष्णकांत और प्रियंका के शव उन्हीं की कार में ले जाकर खेरली नहर में फेंक दिए। हालांकि, पुलिस अब तक प्रियंका का शव बरामद नहीं कर पाई है।
एसएसपी डॉ. अजयपाल शर्मा और सीओ दादरी निशांक शर्मा ने बताया कि 20 जुलाई को मूलरूप से मैनपुरी और हाल निवासी ओमीक्रॉन-2 प्रमोद यादव ने दादरी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रमोद का कहना था कि पत्नी मंजू की हत्या कर दी गई है और बेटा कृष्णकांत व बेटी प्रियंका लापता हैं। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की।
कृष्णकांत का शव शनिवार को ककौड़ (बुलंदशहर) थाना क्षेत्र से बरामद कर लिया गया था। मामले में पुलिस ने ओमीक्रॉन-2 निवासी मनीष को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो पूरे मामले का खुलासा हो गया। मनीष ने पूछताछ में बताया कि कृष्णकांत से उसकी दोस्ती थी और एक दूसरे के घर पर आना जाना था।
कृष्णकांत उसकी नाबालिग बहन पर गलत नजर रखता था। इसी वजह से उसने मां-बेटे की हत्या की योजना अपने चारों साथियों को हरिद्वार ले जाकर बनाई। 19 जुलाई की रात को मनीष चारों दोस्तों के साथ मंजू की छत पर छिपकर बैठ गया और सभी के सोने का इंतजार करने लगे। जैसे ही उन्हें टीवी बंद होने का आभास हुआ तो वह मंजू के घर पहुंच गए। सबसे पहले उन्होंने मंजू यादव की लोहे की रॉड से हमला कर हत्या की और विरोध करने पर कृष्णकांत की भी हत्या कर दी। प्रियंका की हत्या आरोपियों ने उसकी गवाही से पकड़े जाने के डर से की।
पुलिस का कहना है कि तीनों की हत्या के बाद आरोपियों ने घर से आभूषण और साड़ी आदि की लूटपाट की। इसके बाद कृष्णकांत और प्रियंका के शव को मंजू की कार में ही लेकर खेरली नहर के पास पहुंचे और एकांत दिखने पर दोनों शव फेंक दिए। पुलिस ने लूटे गए आभूषण, कार और वारदात में प्रयुक्त लोहे की रॉड आदि बरामद कर ली है। कृष्णकांत के शव को ककोड़ पुलिस ने बरामद किया था। जबकि प्रियंका के शव को पुलिस अब तक बरामद नहीं कर पाई है। इससे पहले दनकौर पुलिस पर खेरली नहर से दोनों शवों को कार्रवाई से बचने के लिए बहाने का आरोप लगा था।