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दिल्ली स्थित इस बाबा के 'सेक्स जेल' की हुई शिकायत तो क्यों सोती रही पुलिस
Thu, 21 Dec 2017 09:29 AM IST
धीरज कुमार बेनीवाल/अमर उजाला, नई दिल्ली
धीरज कुमार बेनीवाल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 21 Dec 2017 09:29 AM IST
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रोहिणी में विजय विहार स्थित आश्रम आध्यात्मिक विश्वविद्यालय मामले में दिल्ली पुलिस एक बार फिर सवालों के घेरे में है। पुलिस ने अगर समय पर एफआईआर व शिकायतों पर कार्रवाई की होती, तो यह मामला इतना नहीं बढ़ता और न जाने कितनी ही नाबालिग लड़कियों व महिलाओं को पहले ही मुक्त करवा लिया गया होता।
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हैरानी इस बात की है कि पीड़ित माता-पिता व स्थानीय लोगों की शिकायतें मिलने के बाद भी पुलिस सोती रही। आखिरकार कोर्ट में याचिका दायर होने के बाद ही यौन शोषण का खुलासा हो पाया है।
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हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाते हुए पुलिस पर भरोसा न होने की बात कह दी और सीबीआई को एसआईटी से जांच कराने का निर्देश दे दिया। गौरतलब है कि रोहिणी के विजय विहार में यह आध्यात्मिक विश्वविद्यालय करीब बीस साल पहले वीरेंद्र दीक्षित ने बनवाया था। इसके बाद से ही इसके खिलाफ शिकायतें मिलनी शुरू हो गईं।
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कोर्ट में दायर याचिका पर भरोसा करें तो कई माता-पिता ने अपनी बच्चियों के साथ यौन शोषण का आरोप वीरेंद्र दीक्षित पर लगाया है। इसके अलावा इस स्थान से नाबालिग लड़कियों को पंजाब व दूसरे स्थानों पर भेजने का भी आरोप लगा है।
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दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के मुताबिक, स्थानीय लोगों ने भी इस आश्रम पर शक जाहिर करते हुए स्थानीय पुलिस को शिकायतें दी थीं। इन लोगों का कहना था कि आधी रात के बाद पंजाब व दूसरे राज्यों की बड़ी गाड़ियां आती थीं और नाबालिग लड़कियों को ले जाती थीं।
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