जान मोहम्मद की गिरफ्तारी को लेकर महिलाओं के अनशन शुरू होने के बाद इकलाख हत्याकांड के आरोप में जेल में बंद युवकों ने गांव में पत्र भेजा था।
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बिसाहड़ा कांड
- फोटो : अमर उजाला
इस पत्र को साध्वी हर सिद्धि ने ग्रामीणों के बीच पढ़कर सुनाया। उन्होंने कहा कि रवि शहीद हुआ है। उसकी शहादत बेकार नहीं जानी चाहिए। एक होकर संघर्ष करना होगा। जब तक गोहत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा नहीं मिलेगा संघर्ष जारी रहेगा।
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बिसाहड़ा में बवाल
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जेल से लिखे गए पत्र के अंश: जो लोग हमारी माताओं के साथ अनशन में बैठे हैं और सहयोग कर रहे हैं, उन्हें हम प्रणाम करते हैं। अगर आपका आशीर्वाद रहा और प्रभु की इच्छा हुई तो हम जल्द ही सब बाहर आए जाएंगे।
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bisahada case
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रोजाना अखबार में आपके अनशन की खबर पढ़ रहे हैं। आप लोगों के अनशन से हमें भी हिम्मत मिली है, हममें भी साहस आया है। हम सभी भाई एकजुट होकर दुख से लड़ रहे हैं।
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बिसाहड़ा में बवाल
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सभी से हाथ जोड़कर विनती है कि मतभेद भुलाकर एकजुट होकर अनशन पर बैठी महिलाओं का साथ दें। गांव में छोटी-मोटी लड़ाई होती रहती है। आज सब भुलाकर बिसाहड़ा को एकता दिखाने की जरूरत है।