एनएच-58 स्थित आरकेजीआईटी इंस्टीट्यूट की बीटेक छात्रा की मंगलवार को बीमारी के चलते हुई मौत के बाद छात्रों ने जमकर हंगामा काटा। छात्रा की मौत के बाद इस कॉलेज की कुछ ऐसी सच्चाई सामने आ रही है जो किसी भी छात्र को यहां एडमिशन लेने से पहले सोचने पर मजबूर कर दे।
अब सामने आ रहा RKGIT कॉलेज का सच, कहीं ये तो नहीं छात्रा के मौत की असल वजह
छात्रों ने कालेज प्रबंधन और होस्टल वार्डन पर छात्रा को अस्पताल में देरी से भर्ती कराने का आरोप लगाया। छात्रों ने कहा कि उपचार में देरी के चलते ही छात्रा की मौत हुई है। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने छात्र-छात्राओं को समझाकर शांत कराया। प्रबंधन की ओर से सभी समस्याओं के जल्द निराकरण का आश्वासन मिलने के बाद छात्रों का गुस्सा शांत हुआ। गोरखपुर निवासी आईटीबीपी में हेड कांस्टेबल जयशिव राय की बेटी जाह्नवी (19) आरकेजीआईटी में बीटेक मैकेनिकल ब्रांच फर्स्ट ईयर की छात्रा थी। वह कालेज के गर्ल्स होस्टल में ही रहती थी।
सिहानी गेट एसओ विनोद पांडेय ने बताया कि 31 अगस्त को उल्टी आने के बाद उसे बुखार आ गया था। एक सितंबर को प्रबंधन ने उसे सर्वोदय अस्पताल में भर्ती कराया। दो सितंबर को परिजन उसे दिल्ली के आईटीबीपी अस्पताल ले गए, जहां से उसे सफदरजंग रेफर कर दिया गया। हालत में सुधार न होने पर तीन सितंबर को उसे लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मंगलवार सुबह 11 बजे उसकी मौत हो गई। छात्रा की मौत के बाद कालेज में शोक सभा के बाद अवकाश घोषित कर दिया गया। छात्रा की मौत की सूचना मिलते ही कालेज के छात्र इकट्ठा हुए और हंगामा शुरू कर दिया। प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की गई। छात्र एनएच-24 जाम करने जा रहे थे कि पुलिस ने उन्हें रोका और कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत किया। प्रबंधन ने छात्र-छात्राओं की समस्याएं सुनी और कार्रवाई का आश्वासन दिया।
वॉर्डन ने अस्पताल ले जाने के लिए मांगे पांच हजार छात्रों का आरोप है कि 31 अगस्त को तबीयत बिगड़ने के बाद ही उन्होंने वार्डन को जाह्नवी को अस्पताल ले जाने को कहा था। वार्डन ने जवाब दिया कि परिजनों द्वारा पांच हजार का फंड जमा कराने पर ही छात्रा को अस्पताल ले जाया जा सकेगा। छात्रों का आरोप है कि इससे पहले भी वार्डन छात्राओं से बदसलूकी कर चुकी हैं। शिकायत के बाद भी प्रबंधन की ओर से कार्रवाई नहीं की जाती।