पिछले साल नवंबर में रातोंरात लिया गया 500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने का निर्णय जनता पर तो भारी पड़ा, लेकिन बैंक मालामाल हो गए। औद्योगिक नगरी फरीदाबाद के लोगों ने नोटबंदी के दौरान बैंकों पर जमकर धनवर्षा की। साल की पहली छमाही की रिपोर्ट में जो आंकड़ा निकलकर आया है उसके मुताबिक अकेले फरीदाबाद से ही 33,465 करोड़ रुपया जिले की 302 बैंक शाखाओं में जमा हुआ है।
बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े जानकारों की मानें तो बैंकों में पुराने नोट जमा कराने में फरीदाबाद हरियाणा के अन्य जिलों से आगे रहा है। नोटबंदी के दौरान लोगों का दिन और रात बैंकों की लाइनों में ही गुजर रहा था। हालांकि, पुराने नोट जमा कराने की दौड़ लगभग चार महीने चली लेकिन इससे बैंक जरूर मालामाल हो गए। लोगों ने अपनी धन राशि को बैंक में जमा कराकर सुरक्षित कर दिया। इस दौड़ में आम से लेकर खास लोग भी शामिल थे। अब आठ माह बाद औद्योगिक सिटी के बैंकों में जमा धन राशि का आंकड़ा सामने आया है। इस आंकड़े से स्पष्ट हो गया है कि औद्योगिक शहर फरीदाबाद में भी पैसेवालों की कमी नहीं है। बता दें कि, एनसीआर का सबसे बड़ा औद्योगिक शहर होने के कारण यहां बैंकिंग सेक्टर बूम पर है। रोजाना बड़ी मात्रा में लेनदेन होता है। एक अनुमान के मुताबिक फरीदाबाद में छोटे-बड़े लगभग 25 हजार उद्योग हैं। इन उद्योगों का सालाना 20 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का टर्नओवर बताया जाता है।
नोटबंदी से पहले बैंक से जुड़े वंचित
औद्योगिक सिटी के बैंकों में प्रधानमंत्री जनधन योजना के खातों में कितनी राशि जमा है, इसका आंकड़ा सामने नहीं आ सका है। हालांकि बैंक खाते से वंचित लोगों को जोड़ने में फरीदाबाद ने प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। 6 लाख 61 हजार खाते प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत खोले गए। बैंक प्रबंधन ने जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत भी 63 हजार खाते खोलकर प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। इस दौड़ में साइबर सिटी गुरुग्राम ने पहला स्थान प्राप्त किया। हालांकि, खाते खोलने का अभियान अभी भी जारी है।
कलपुर्जों की बादशाह है औद्योगिक नगरी
फरीदाबाद को कलपुर्जों की नगरी कहा जाता है। सूईं से लेकर हवाई जहाज तक के पार्ट्स यहां तैयार किए जाते हैं। ऐसा कोई वाहन नहीं, जिसका यहां पुर्जा यहां न बनता हो। एक अनुमान के मुताबिक ऑटो कंपोनेंट्स तैयार करने वाले तकरीबन 14 हजार इकाइयां फरीदाबाद में हैं। तकरीबन तीन लाख श्रमिक प्रयत्क्ष रूप से इन उद्योगों से जुड़े हैं। अकेले 15 हजार करोड़ से ज्यादा सालाना टर्नओवर ऑटो कंपोनेंट्स इकाइयां करती हैं।
30 जून 2017 तक की रिपोर्ट में आंकड़ा सामने आया है। फरीदाबाद के 302 बैंकों में जमा राशि की रिपोर्ट बनाई गई। पीएम जनधन योजना में प्रदेश में पहला एवं जीवन ज्योति बीमा योजना में दूसरा स्थान प्राप्त किया है।
-इंद्र मोहन शर्मा, लीड बैंक प्रबंधक, फरीदाबाद