अदालत ने दिल्ली पुलिस को सुनंदा पुष्कर की मौत के मामले में साढ़े तीन साल से बंद होटल के कमरे को खोलने का निर्देश दिया है। दक्षिण जिला पुलिस उपायुक्त ने इसके लिए मोहलत मांगी थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। पुलिस को 26 सितंबर को अनुपालन रिपोर्ट कोर्ट को देनी है।
पटियाला हाउस स्थित महानगर दंडाधिकारी धर्मेंद्र सिंह ने लीला होटल का कमरा नंबर-345 खोलने का निर्देश देते हुए कहा कि कमरे को खोलने के लिए आगे मोहलत नहीं दी जा सकती। अगर जांच एजेंसी या फोरेंसिक टीम चाहे तो कमरे में जा सकती है और जांच के लिए जरूरी सामान वहां से ले सकती है।
अदालत के समक्ष पुलिस उपायुक्त ईश्वर सिंह ने पेश होकर कमरा खोलने के लिए मोहलत मांगी। उन्होंने कहा कि फोरेंसिक टीम ने एक सितंबर को कमरे का निरीक्षण किया था, जिसकी रिपोर्ट आनी बाकी है। इस मामले में एक याचिका हाईकोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए कमरा खोलने का निर्देश फिलहाल न दिया जाए।
अदालत ने पूछा कि फोरेंसिक रिपोर्ट आने में कितना समय लगेगा, इस पर डीसीपी कोई जवाब नहीं दे पाए। उन्होंने कहा कि अगर कोर्ट चाहे, तो एफएसएल अधिकारियों को तलब कर यह जानकारी ले सकती है।
अदालत ने जांच की धीमी गति व कमरा न खोले जाने पर नाराजगी जाहिर करते हुए 19 अगस्त को डीसीपी को व्यक्तिगत रूप से तलब किया था। महानगर दंडाधिकारी पंकज शर्मा ने चार सप्ताह के भीतर होटल का कमरा खोलने का निर्देश 21 जुलाई को दिया था। इसके बाद पुलिस ने एक सितंबर को फोरेंसिक जांच का हवाला देते हुए मोहलत मांगी थी।