नाबालिग छात्रा से रेप केस में दोषी करार दिए जा चुके आसाराम का विवादों से पुराना नाता रहा है। वह अकसर ही अपने बेतुके बयानों से चर्चा में आते रहे हैं। पूरे देश को हिला कर रख देने वाले दिल्ली के निर्भया कांड में भी उन्होंने बड़ा ही अजीब बयान दिया था। पढ़िए उनके कुछ बेहद ही आपत्तिजनक व विवादित बयान जो बन गए सुर्खियां...
2012 में हुए निर्भया गैंगरेप पर आसाराम ने जब अपने विचार रखे तो उनकी काफी आलोचना हुई थी। उन्होंने कहा था- 'लड़की एक का हाथ पकड़ती और कहती कि तेरे को तो भाई मानती हूं, दो को बोलती भईया मैं अबला हूं, तुम मेरे भाई हो, धर्म के भाई हो, भगवान का नाम लेकर हाथ पकड़ती, पैर पकड़ती तो इतना दुराचार नहीं होता। गलती एक तरफ से नहीं होती है। क्या ताली एक हाथ से बज सकती है? उन्होंने यह भी कहा था, 'क्या उसने (पीड़िता ने) सरस्वती मंत्र का जाप किया, पुरुष मित्र के साथ सिनेमा देखने के बाद उसे किसी बस में सवार नहीं होना चाहिए था।'
2013 में एक सत्संग के दौरान वो बोले थे- 'लोग कहते हैं कि कृष्ण के पास वो गई, फलानी गई, ढिमाकी गई, लेकिन सारी की सारी गोपियां तर गईं। गंदी निगाह वाले गंदी निगाह से देखते हैं।'
जोधपुर की जेल में बंद आसाराम 2016 में जब बीमार पड़े थे और जोधपुर से उन्हें इलाज के लिए दिल्ली के एम्स लाया गया था तो उन्होंने एक नर्स से बड़ी भद्दी बातें की थीं। वो बोले- 'तुम एकदम मक्खन जैसी हो। ब्रेड के साथ मक्खन लाने की जरूरत ही क्या है। तुम जरूर कश्मीरी होगी। तुम्हारे गाल सेब जैसे हैं।'
दहेज से संबंधित जो कानून है उस पर आसाराम ने एक बार कहा था, 'हमने देखा है कि अक्सर ही इन कानूनों का दुरुपयोग हुआ है। दहेज संबंधी कानून इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। दहेज के नाम पर महिलाएं पुरुषों को प्रताड़ित करती हैं।'