14 फरवरी के दिन वैलेंटाइन डे है लेकिन ये दिन केजरीवाल के लिए भी बहुत खास है। दरअसल इसी दिन साल 2015 में केजरीवाल सरकार अस्तित्व में आई थी और अब इसे तीन साल हो रहे हैं। इस मौके पर विपक्षी पार्टियां केजरीवाल सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। यही नहीं कांग्रेस की नेता ने तो केजरीवाल से कहा है कि उन्हें पैडमैन बनकर दिखाना चाहिए। क्यों कहा इस महिला नेता ने ऐसा जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर...
जानिए क्यों कांग्रेस की इस महिला नेता ने कहा केजरीवाल को 'पैडमैन' बनकर दिखाना चाहिए
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प्रदेश कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी की पोल खोल अभियान के तहत दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था पर तीखा हमला किया है। पार्टी ने स्कूलों के गिरते स्तर, पढ़ाई की खराब व्यवस्था, छात्रों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधा समेत कई मुद्दे पर केजरीवाल सरकार को घेरा है। पार्टी का कहना है कि दिल्ली सरकार के तीन साल के शासन में शिक्षा के नाम पर बेमिसाल प्रचार हुआ, लेकिन धरातल पर कोई बदलाव नहीं किया गया। दो साल के बजट में से 1982 करोड़ रुपये शिक्षा पर खर्च ही नहीं किए गए।
प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. किरन वालिया ने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने स्कूलों में बच्चों के पेट में गंदगी के कारण पैदा हुए संक्रमण से पनपे कीड़ों को मारने के लिए डीवार्मिंग के तहत मुफ्त दवाई देने की शुरुआत की थी। 30 करोड़ की लागत से इस कार्यक्रम को चलाया गया। स्कूलों में हेल्थ स्कीम की शुरुआत की गई थी।
मुफ्त चश्में बांटे गए, भोजन की व्यवस्था की गई, लेकिन इस सरकार ने इस पर ध्यान ही नहीं दिया। वालिया ने यह भी कहा कि मुफ्त में सेनेट्ररी टॉवल लड़कियों को दिया जा रहा था, 7.3 लाख छात्राओं को किशोरी योजना के तहत फायदा मिला था। जबकि आप सरकार ने इस मद में 16 करोड़ का बजट तो रखा, लेकिन खर्च के नाम पर 9.1 करोड़ ही खर्च किया। केजरीवाल को इस विषय के प्रति ज्यादा गंभीर होना चाहिए और पैडमेन बनकर दिखाना चाहिए। (तस्वीर में किरण वालिया)
उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार का शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति लाने का दावा खोखला है। आकड़े बताते हैं कि 2013-14 में सरकारी स्कूलों में 17.75 लाख छात्र पढ़ते थे, जो आप की सरकार में 2015-16 में घटकर 16.77 लाख रह गए। प्राइवेट स्कूलों में छात्रों की संख्या पिछले दो वर्षों में 1.42 लाख बढ़ी है। 10वीं के बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम भी 98.40 प्रतिशत से कम होकर 91 प्रतिशत रह गया है।