त्यागराज स्टेडियम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 34वें आम महोत्सव का शुक्रवार को उद्घाटन किया। यहां अंगूर से छोटे, पपीते जितने बड़े 400 से अधिक किस्मों के आम प्रदर्शित किए गए हैं। आम के अचार, पापड़ और जैविक उत्पादों की प्रदर्शनी के साथ बच्चों के लिए क्विज, किड्स जोन और वर्चुअल गैलरी भी खास आकर्षण हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित यह आयोजन देश की आम-परंपरा, कृषि समृद्धि और सांस्कृतिक गौरव का उत्सव है। कार्यक्रम में पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा, विधायक नीरज बसोया और मुख्य सचिव धर्मेंद्र भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आम महोत्सव के मैस्कॉट (शुभंकर) का भी अनावरण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में आम केवल एक फल नहीं है, बल्कि हमारी भावनाओं से जुड़ा एक मधुर अनुभव है। यह हमारे गांव, हमारी परंपरा और गर्मियों की यादों का प्रतीक है।
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दिल्ली में आम महोत्सव
- फोटो : X/@CMODelhi
अंगूर जैसे छोटे, पपीते जितने बड़े दो किलो के आम
आम महोत्सव में अंगूर जैसे छोटे, पपीते जितने बड़े दो किलो के आम देखने को मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बचपन में किताबों में आम के चित्र पर मुकुट लगे होते थे। वे बड़े आकर्षक लगते थे, आज भी आम फलों का राजा है और आगे भी रहेगा। उन्होंने उन किसानों की प्रशंसा की जो सालभर मेहनत कर विविध किस्मों के आम उगाते हैं। यह महोत्सव न केवल किसानों की मेहनत का उत्सव है, बल्कि स्वाद, संस्कृति और खुशी का अद्वितीय पर्व है। उन्होंने दिल्लीवासियों से आग्रह किया कि वे पूरे परिवार के साथ इस महोत्सव में आएं, स्वाद, संस्कृति और अपनत्व का आनंद लें।
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मैंगो फेस्टिवल के दौरान दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता साथ में मंत्री कपिल मिश्रा।
- फोटो : अमर उजाला
लोककला और स्थानीय व्यापार दोनों का प्रतीक
कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि आम की सैकड़ों किस्में स्वाद में विविधता लाती हैं, बल्कि यह याद दिलाती हैं कि हमारी मिट्टी कितनी समृद्ध और हमारे किसान कितने प्रतिभाशाली हैं। ये उत्सव हमारी लोककला, स्थानीय व्यापार और पारिवारिक मूल्यों को प्रोत्साहित करता है।
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दिल्ली में आम महोत्सव
- फोटो : X/@CMODelhi
400 से अधिक किस्मों के आम की प्रदर्शनी
महोत्सव में 400 से अधिक किस्मों के आम की प्रदर्शनी लगाई गई हैं। इसमें कई दुर्लभ और क्षेत्रीय प्रजातियां शामिल हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, गुजरात, पश्चिम बंगाल, पंजाब और ओडिशा सहित अनेक राज्यों के आम उत्पादक, सहकारी संस्थान और निजी संगठन इस महोत्सव में भाग ले रहे हैं। आम से जुड़े विविध उत्पादों की बिक्री हो रही है। अचार, जूस, पापड़ और चटनियां इसमें शामिल हैं। बागवानी, अनुसंधान और स्थानीय कृषि से जुड़े प्रयोगों और तकनीकों की प्रदर्शनी लगी है।
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