बेटा दम घुट रहा है, अब नहीं बच पाऊंगा...। हादसे में अपनी जान गंवाने वाले 62 साल के दिलीप सिंह के बस ये ही आखिरी शब्द थे। आग लगने के समय वह चौथी मंजिल स्थित शेड में मौजूद थे। हादसे के बाद वह वहीं फंस गए। शाम करीब 7.40 बजे उन्होंने अपने बेटे को कॉल करके बताया कि इमारत में आग लग गई है और वह फंस गए हैं।
Delhi Fire: 'बेटा अब न बच पाऊंगा, दम घुट रहा...', इतना कहकर कट गया बुजुर्ग पिता का फोन, सुबह बेटे को मिली लाश
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: आकाश दुबे
Updated Wed, 25 Jun 2025 07:00 PM IST
सार
हादसे के बाद फोन पर बेटे ने पिता से कहा कि वह बराबर वाली बिल्डिंग में चले जाएं, लेकिन पिता ने बताया कि वहां जाने का कोई रास्ता नहीं है। टिन शेड की वजह से सारे रास्ते बंद हैं। इसके बाद पिता का फोन कट गया। आंखों में आंसू लिए धर्म सिंह पिता को बार-बार कॉल करता रहे।
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