पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्मयानंद उर्फ कृष्णपाल सिंह पर यौन शोषण मामले में नया मोड़ आ गया है। चिन्मयानंद पर आरोप लगाने वाली एलएलएम की छात्रा अपने बयान से मुकर गई है। छात्रा के आरोपों से मुकरने से अभियोजन ने उसे पक्षद्रोही घोषित करते हुए अदालत में उसके खिलाफ धारा 340 के तहत झूठा बयान देने के आरोप में मुकदमा चलाने की अर्जी दाखिल की है। एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश पवन कुमार राय ने अभियोजन की इस अर्जी को दर्ज करने के साथ ही इसकी प्रति पीड़िता व अभियुक्त को देने के आदेश दिए हैं। इसमें कहा गया है कि वह अभियोजन की अर्जी पर अपना जवाब दाखिल करें। मामले की अगली सुनवाई 15 अक्तूबर को होगी। अपने बयान से मुकर चुकी छात्रा ने चिन्मयानंद पर किस तरह के आरोप लगाए और इस पूरे मामले में कब क्या हुआ पढ़ें पूरी टाइमलाइन...
चिन्मयानंद केसः दुष्कर्म के आरोप लगाने से लेकर पीड़िता के मुकरने तक, पढ़ें कब क्या हुआ
24 अगस्त 2019
छात्रा ने फेसबुक पर वीडियो वायरल कर स्वामी चिन्मयानंद पर कई लड़कियों की जिंदगी बर्बाद करने का आरोप लगाया था। वीडियो वायरल करने के बाद छात्रा रहस्यमय तरीके से लापता हो गई थी। जिसके बाद छात्रा के पिता ने स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई थी। शाम चार बजे छात्रा ने फेसबुक पर वीडियो वायरल किया। इसके बाद छात्रा ने अपने मां के मोबाइल पर एक नंबर से कॉल की थी। छात्रा के पिता ने बताया कि अपनी मां से बात करते समय उसकी आवाज से लग रहा था कि वह घबराई हुई है, लेकिन उसने यह नहीं बताया कि वह है कहां पर?
25 अगस्त 2019
शाम 4:20 बजे छात्रा के पिता ने स्वामी चिन्मयानंद व अन्य पर बेटी को अगवा करने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। 26 अगस्त को स्वामी चिन्मयानंद के वकील ओम सिंह ने खुलासा किया कि अज्ञात नंबर से किसी ने पांच करोड़ की फिरौती मांगी, रिपोर्ट दर्ज कराई है।
26 अगस्त 2019
एसपी ने छात्रा की बरामदगी के लिए तीन टीमें गठित की। आरोपों की जांच कोतवाल को सौंपी गई।
एसपी ने रात 8:30 बजे खुलासा किया कि स्वामी चिन्मयानंद व अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। स्वामी चिन्मयानंद पर गंभीर आरोप लगाने वाली शाहजहांपुर के एसएस लॉ कालेज की छात्रा को 30 अगस्त शुक्रवार को पुलिस ने राजस्थान के दौरा से बरामद कर लिया था। छात्रा को राजस्थान में उसके एक दोस्त के साथ बरामद किया गया था। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने लड़की को पेश करने के आदेश दिए। इस मामले में वीडियो वारयल हुआ। वीडियो में स्वामी चिन्मयानंद के होने का दावा किया। इसमें वह लड़की से मसाज करा रहे थे।
एसआईटी ने देर रात तक चिन्मयानंद से करीब सात घंटे तक पूछताछ की। स्वामी का बेडरूम भी सील कर दिया गया। चिन्मयानंद के बिना अनुमति आश्रम से बाहर निकलने पर भी रोक लगा दी गई है। साथ ही जांच पूरी होने तक उनके शाहजहांपुर से बाहर जाने पर भी रोक लगा दी गई है।