जब भाटिया परिवार सोया मौत की नींद, उस रात बुराड़ी में एक नहीं हुई कई अनहोनी
बुराड़ी में जिस रात भाटिया परिवार मौत की नींद सोया उस वक्त पूरे इलाके में लाइट का ब्लैक आउट था। इस इलाके में कभी बिजली नहीं जाती, लेकिन घटना वाली रात को करीब साढ़े चार घंटे बिजली गुल थी। बुराड़ी में भाटिया परिवार के 11 सदस्यों की एक साथ मौत की बात जहां किसी के गले नहीं उतर रही, वहीं स्थानीय लोगों को आशंका है कि लाइट के ब्लैक आउट के दौरान ही भाटिया परिवार के साथ इस अनहोनी को अंजाम दिया गया।
बुराड़ी इलाके में रहने वाले शख्स अरुण कुमार जैन ने कहा कि वह भाटिया परिवार को काफी समय से जानते थे। उन्हें पूरा यकीन है कि भाटिया परिवार ने खुदकुशी नहीं की है। उन्होंने कहा कि बुराड़ी में कभी लाइट नहीं जाती और शनिवार की रात में करीब सवा दो बजे इलाके में लाइट चली गई।
इसके बाद बुराड़ी इलाके में अंधेरा और सन्नाटा छा गया। चूंकि इलाके में लाइट नहीं जाती, इसलिए इलाके में अधिकतर लोगों के घरों में इंवर्टर नहीं हैं। लाइट जाने के कारण घर में गर्मी हो गई, इसलिए वह जगे हुए थे। उनका अंदेशा है कि लाइट के ब्लैक आउट के दौरान ही भाटिया परिवार के साथ अनहोनी को अंजाम दिया गया।
वहीं पड़ोस में रहने वाली महिला सरोज ने बताया कि वह इस इलाके में कर्ई सालों से रहती हैं और नारायणी देवी से अक्सर वह मिलती थीं। उन्होंने बताया कि शनिवार रात को दो बजे के बाद लाइट चली गई, जबकि यहां लाइट नहीं जाती थी। उनका कहना था कि लाइट सुबह करीब 5:45 मिनट पर आई। लाइट न होने के कारण रातभर इलाके में अंधेरा छाया रहा।
उन्हें भी भाटिया परिवार के खुदकुशी करने की बात पर यकीन नहीं है। उन्हें भी संदेह है कि रात के अंधेरे का फायदा उठाकर भाटिया परिवार के साथ किसी ने इस घटना को अंजाम दिया और फरार हो गया।