1 जुलाई के बाद से ही रहस्य और डर की वजह बना दिल्ली के बुराड़ी का वो घर जिसमें भाटिया-चंडावत परिवार के 11 लोगों ने एक साथ फांसी लगा ली थी इन दिनों फिर चर्चा में है। लगभग 4 महीने बाद यह फिर से सुर्खियों में है क्योंकि अब घर की कस्टडी परिवार को मिल गई है। यह घर अब खुल चुका है और परिवार के सबसे बड़े बेटे दिनेश चंडावत अपनी पत्नी के साथ इसमें रह भी रहे हैं। देखिए अंदर से कैसा दिखता है 11 मौतों का गवाह रह चुका ये घर और आसपास के लोग इसके बारे में कैसी बातें करते हैं...
भले ही यह घर खुल गया हो और इसमें परिवार के सदस्य रह रहे हों लेकिन स्थानीय लोग अब इस रहस्यमयी घर के बारे में दबी जुबान में कई तरह की बातें करते हैं। बुराड़ी के संत नगर में जहां ये घर है, वहां आसपास के लोग शाम के समय यहां भूत के होने की बात करते हैं।
संत नगर के लोग वैसे तो दिन के उजाले में अकसर यहां जाते हैं और यह जानने की कोशिश करते हैं कि उन्हें दूसरी दुनिया का एक्सपीरिएंस हो। लेकिन ज्यादातर लोग जब देर शाम हो जाती है तो यहां जाने से कतराते हैं। अब तो लोग उस गली में भी नहीं आते जिसमें ये घर है और बच्चे भी यहां नहीं खेलते।
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burari death case
- फोटो : अमर उजाला
चंडावत परिवर के बगल वाले घर में रहने वाले करमपाल का कहना है कि बुराड़ी कांड से पहले आसपास के युवा यहीं इकट्ठा होकर दुकान के बाहर बैठा करते थे, लेकिन इस हादसे के बाद से कोई यहां नहीं आता। वो कहते हैं कि हम तो शाम के बाद अपने उस कमरे में भी नहीं जाते जो चंडावत परिवार के बालकनी की ओर खुलता है।
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- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि बुराड़ी कांड के एक महीने बाद ही चंडावत परिवार के घर की चाबी अदालत ने परिवार के बड़े बेटे दिनेश को सौंप दी थी और वो व उसका परिवार पूरे एक महीने तक घर में बिना किसी परेशानी के रहा। इस दौरान उसने घर में लगी वो 11 पाइपें भी हटवा दीं जो पूरे कांड के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा में रही थीं। दिनेश अक्सर ही राजस्थान से यहां आता रहता है।