रामलीला मैदान में 23 मार्च से भूख हड़ताल पर बैठे अन्ना हजारे काफी कमजोर हो गए हैं। वहीं किसानों के हक के लिए लड़ रहे अन्ना को दिल्ली सरकार का सहयोग नहीं मिल रहा है बल्कि रामलीला मैदान में स्थित शौचालय को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। (सभी फोटोः हिमांशु सोनी)
चार दिन में घट गया अन्ना का 4.3 किलो वजन, मैदान के शौचालय पर सामने आया बड़ा खुलासा
- चार दिनों में घटा 4.3 किलो वजन
रामलीला मैदान में अनशन के चौथे दिन अन्ना का वजन 74.3 किलो से घटकर 70 किलो हो गया। अन्ना के वजन में गिरावट के साथ ही उनके रक्तचाप में भी काफी उतार-चढ़ाव दर्ज किया जा रहा है। डॉक्टरों की टीम ने अन्ना को आराम करने सलाह दी है। लगातार घटते वजन के कारण कोर कमेटी सदस्यों और समर्थकों में अन्ना की सेहत को लेकर परेशानी बनी हुई है।
- लोकतंत्र को बचाने के लिए चरित्रशील संगठन की जरूरत
अन्ना बोले कि देश की कमान चरित्रशील लोगों के हाथों में होनी चाहिए, जिसके लिए वह चरित्रशील संगठन तैयार करेंगे। कहा कि जब विपक्ष कमजोर हो तो आंदोलन ही लोकतंत्र को बचाने का एकमात्र रास्ता है, जिसका वह अनुसरण कर रहे हैं।
- 29 मार्च को रामलीला मैदान होगा खचाखच
अन्ना सत्याग्रह के कोर कमेटी सदस्य व जनसंपर्क अधिकारी जयकांत मिश्रा ने बताया कि आंदोलन को प्रभावी बनाने के लिए सोमवार को सत्याग्रह की कोर कमेटी के सदस्यों की बैठक हुई। बैठक में आंदोलन में ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ने के प्रयासों पर चर्चा हुई। बैठक के बाद बाहरी राज्यों से किसानों को दिल्ली कूच करवाने के लिए कई किसान संगठनों के नेताओं ने अपने क्षेत्रों के लिए प्रस्थान किया और 29 मार्च को रामलीला मैदान में 15 हजार से ज्यादा किसानों को जुटाने का लक्ष्य रखा। कहा कि अगर सरकार ने मांगों को लिखित स्वीकृति नहीं दी तो रामलीला मैदान में सरकार को देश के किसानों की असली ताकत दिखाई जाएगी।
- चुनाव में हो राइट टू रिजेक्ट का ऑप्शन
अन्ना ने कहा कि चुनाव के दौरान मतदाता को राजनीतिक पार्टी के प्रतिनिधि को रिजेक्ट करने का भी ऑप्शन देना चाहिए और अगर किसी उम्मीदवार के खिलाफ निर्धारित रिजेक्शन से ज्यादा रिजेक्शन दर्ज हों तो चुनाव को रद्द करना चाहिए, ताकि चुनाव प्रणाली स्वस्थ हो सके। चुनाव से पहले जनता से किए गए वादों को पूरा न करने पर पार्टी नेता के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार चुनाव आयोग को दिया जाए।