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सत्य निकेतन हादसा और दोहरी मार: दुर्घटना के बाद छूटा ठिकाना, अटकी छात्रों की सिक्योरिटी; हुई पैसे की किल्लत

Thu, 10 Sep 2026 02:03 AM IST
दुष्यंत शर्मा हर्ष मिश्रा, नई दिल्ली
हर्ष मिश्रा, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 10 Sep 2026 02:03 AM IST
सार

हादसे के बाद आसपास के कई पीजी खाली करने पड़े। कल तक अपने कमरे में पढ़ाई कर रहे छात्र अब सुरक्षित ठिकाने की तलाश में हैं।

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Double blow after Satya Niketan incident: Students security deposits stuck; facing a cash crunch
सत्य निकेतन - फोटो : संवाद / भूपिंदर सिंह

विस्तार

सत्य निकेतन हादसे ने इलाके में रहने वाले छात्रों से सिर्फ उनका ठिकाना नहीं छीना, बल्कि सुरक्षा का भरोसा भी हिला दिया है। हादसे के बाद आसपास के कई पीजी खाली करने पड़े। कल तक अपने कमरे में पढ़ाई कर रहे छात्र अब सुरक्षित ठिकाने की तलाश में हैं। परेशानी यह है कि पुराने पीजी में जमा सिक्योरिटी राशि समय पर वापस नहीं मिल रही।

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छात्रों के सामने आर्थिक संकट दोहरा हो गया है। पुराने पीजी की रकम अटकी है, जबकि नए पीजी या फ्लैट में जाने के लिए दोबारा एडवांस, किराया और सिक्योरिटी देनी पड़ रही है। सीमित पैसे में पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए यह खर्च महीने का बजट बिगाड़ रहा है। जमा पैसे वापस लेने के लिए संचालकों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। छात्रों को डर है कि इसका असर पढ़ाई पर पड़ेगा।
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दिल्ली में पढ़ने आए छात्रों के लिए पीजी महज रहने की जगह नहीं है। किताबें, पढ़ाई का सामान और रोजमर्रा की जरूरतें भी वहीं रहती हैं। अचानक कमरा छोड़ने के बाद सुरक्षित जगह और रकम जुटाना चुनौती है। पुराने पीजी की सिक्योरिटी अटकी होने से सीमित बजट वाले छात्रों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
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प्रतिष्ठा की 45 दिन की सिक्योरिटी भी अटकी
मैत्री कॉलेज की छात्रा प्रतिष्ठा ने बताया कि पीजी खाली करने के बाद उसने संचालक से सिक्योरिटी राशि वापस मांगी। संचालक ने बताया कि पीजी खाली करने के 45 दिन बाद सिक्योरिटी लौटाने का नियम है। 9 सितंबर को 45 दिन पूरे होने के बावजूद उसे पैसे नहीं मिले। अब संचालक उसके फोन का जवाब भी नहीं दे रहा है।

अमित के दोस्तों के सामने भी यही संकट
छात्र अमित ने बताया कि हादसे के बाद सुरक्षा कारणों से उसके कई दोस्तों को पीजी खाली करना पड़ा। सिक्योरिटी मांगने पर संचालकों ने किरायेदारी के समय बने शपथ पत्र का हवाला देकर रकम लौटाने से मना कर दिया। अमित के मुताबिक, पुराने पैसे अटके होने से नए पीजी या फ्लैट के लिए दोबारा रकम जुटाना मुश्किल हो रहा है।

10 दिन का किराया काटकर लौटाए 6 हजार
दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन स्थित पीजी में छात्रों और मकान मालिकों के बीच किराये व सिक्योरिटी राशि को लेकर विवाद सामने आ रहे हैं। ऐसे ही एक मामले में छात्र मयंक और उत्कर्ष ने मंगलवार को आरोप लगाया था कि पीजी मालकिन ऋतु ने उनकी सिक्योरिटी राशि वापस नहीं की। हालांकि, बुधवार को छात्रों ने बताया कि मकान मालिक ने 10 दिन का किराया काटकर उन्हें 6,000 रुपये लौटा दिए हैं। छात्रों के मुताबिक, पीजी में एक बेड का मासिक किराया 9,000 रुपये था।


मुश्किल समय में छात्र ही छात्रों का सहारा
संकट के बीच छात्रों की एक-दूसरे के प्रति संवेदनशीलता भी सामने आ रही है। जिनके पास कमरा है, वे दोस्तों को रहने की जगह दे रहे हैं। कई छात्र जरूरतमंद साथियों के लिए खाना और जरूरी सामान जुटा रहे हैं। कॉलेजों की ओर से भी कुछ छात्रों के लिए अस्थायी रहने और खाने की व्यवस्था की गई है। फिलहाल छात्रों को सुरक्षित ठिकाने के साथ अटकी सिक्योरिटी वापस मिलने का इंतजार है। उनके लिए यह केवल पैसे का मामला नहीं, बल्कि सामान्य जीवन और पढ़ाई को फिर पटरी पर लाने की जरूरत भी है।

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