वसंतकुंज(Vasantkunj) के किशनगढ़(kishangarh) में माता-पिता व छोटी बहन की हत्या(Triple Murder) करने वाले आरोपी सर्वनाम उर्फ सूरज (19) के बारे में जहां ये खुलासा हुआ है कि उसने ऑनलाइन गेम(PUBG) के चलते अपने परिवार की हत्या की वहीं पुलिस अधिकारियों ने उसकी मानसिक स्थिति के बारे में भी खुलासा किया है। पुलिस वालों ने बताया है कि उसे अपने किए का कोई पछतावा नहीं है। (सभी फोटोः अमर उजाला)
दिल्लीः मां-बाप और बहन की हत्या के बाद भी बेटे को नहीं कोई पछतावा, पुलिस से बार-बार कह रहा एक ही बात
केस देख रहे एक अधिकारी ने कहा कि आरोपी में अपने किए गए काम को लेकर कोई पछतावा नहीं दिख रहा। इसके साथ ही अधिकारी ने ये भी बताया कि आरोपी सूरज लगातार बस एक ही बात कह रहा है, "कृपया मुझे कानून से बचा लें।" पुलिस अधिकारी ने बताया कि सूरज के परिजनों का गुरुवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया, लेकिन उसके रिश्तेदारों ने अदालत से अनुरोध नहीं किया कि उसे अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति दी जाए। मिथिलेश के भाई और भतीजे ने अंतिम संस्कार किया। (तस्वीर में मिथिलेश के भाई और भतीजा)
जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि सूरज का एक व्हाट्सएप ग्रुप था जिसमें 9-10 दोस्त थे। इस ग्रुप में लड़कियां भी थीं। वे इसमें कक्षा से गायब होने और घूमने-फिरने की योजनाएं बनाते थे।
बहन को तड़पते नहीं देखा पाया और कर दिए कई वार
आरोपी ने बताया कि उसने पहले बहन की गर्दन पर चाकू मारा फिर मां सिया पर हमला किया। मां की मौत होने के बाद उसने देखा कि बहन नेहा फर्श पर पड़ी तड़प रही है। उससे बहन को तड़पते हुए देखा नहीं गया और उसने नेहा के पेट में चाकू से कई वार कर उसकी हत्या कर दी। उसने और चाकू इसलिए मारे, ताकि उसकी बहन और ज्यादा न तड़पे।
वारदात से पहले परिवार को कई घंटे दिखाई एल्बम
डीसीपी देवेंद्र आर्य ने बताया कि आरोपी ने वारदात को अंजाम देने से पहले पिता मिथिलेश, मां सिया और बहन नेहा को परिवार की एलबम दिखाई थी। उसने परिवार के साथ ही खाना खाया और हंसी मजाक भी किया। सूरज का कहना है कि उसने एल्बम इसलिए दिखाई थी, ताकि परिवार के किसी सदस्य को उस पर शक न हो। वह वारदात के लिए चाकू व कैंची खरीद कर लाया और अपने बैग में रखा था।
हालांकि हत्या करने में उसने सिर्फ चाकू का ही इस्तेमाल किया। उसने रात तीन बजे वारदात की और फिर बाथरूम में जाकर हाथ-पैर धोए। साथ में चाकू को भी धोया। चाकू को धोने के बाद उसने उसे बेड के नीचे फेंक दिया। सूरज के कपड़ों पर काफी खून भी लग गया था। कपड़ों पर खून लगे होने के बाद उसने शुरूआत में पुलिस से कहा था कि वह माता-पिता के गले लग रहा था, इसलिए उसके कपड़ों पर खून लग गया था।