चालक बहुत तेज रफ्तार में बस दौड़ा रहा था। हमें डर लग रहा था। बस में सवार सभी यात्री चिल्ला-चिल्लाकर चालक को रफ्तार कम करने के लिए कह रहे थे, लेकिन उसने नहीं सुना और बेफ्रिक होकर पहाड़ी रास्तों पर बस दौड़ाता रहा। चालक की मनमानी के कारण ही बस खाई में गिर गई।
Uttarkashi Bus Accident: घायलों ने सुनाई आपबीती...चिल्लाते रहे यात्री, चालक तेज रफ्तार में दौड़ाता रहा बस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हो गया था हादसे का आभास
कल्पना रावत ने बताया कि बस की गति इतनी तेज थी कि उन्हें लग गया था कि कुछ बुरा होने वाला है। ऐसा सोचा ही था कि पलक झपकते ही बस सीधे सड़क से लुढ़कते हुए खाई में जा गिरी। गनीमत रही कि बस पेड़ पर अटक गई। बस पेड़ पर नहीं अटकती तो शायद कोई नहीं बचता। बस को सैंज भटवाड़ी पहुंचना था। जो कि घटनास्थल से करीब 18 किमी दूर था। सैंज पहुंचने से पहले ही बस हादसे का शिकार हो गई।
हादसे वाले दिन ही बस में सवार हुए थे लीलाधर
हादसे में घायल मोहनचंद्र ने बताया कि बस में दो सीटें खाली थी। हादसे वाले दिन ही लीलाधर पांडेय दूसरी बस से उनकी बस में सवार हुए थे। लीलधर के सिर में गंभीर चोट आई है। उन्हें ऋषिकेश एम्स रेफर किया गया है।
साथियों ने स्थगित की यात्रा
कल्पना रावत ने बताया कि उनके साथ 72 यात्रियों का जत्था चारधाम यात्रा पर आया था। जो दो बसों में सवार थे। लेकिन हादसे के बाद अन्य यात्रियों ने भी यात्रा स्थगित कर दी है। कल्पना रावत ने बताया कि अब हादसे के बाद उनका कोई भी साथी यात्रा नहीं करना चाहता। जबकि उन्हें गंगोत्री व यमुनोत्री दर्शन के बाद केदारनाथ रवाना होना था।
कुछ घायल यात्रियों ने सुबह चार बजे गंगोत्री धाम के लिए प्रस्थान करने की बात कही थी। तीन बजे रात प्रस्थान करना तो बहुत जल्दी है। ऐसा कुछ है तो इसकी जांच की जाएगी।
- अर्पण यदुवंशी, एसपी उत्तरकाशी।