गणेश चतुर्थी इस बार अपार खुशियां लेकर आ रही है। इस दिन 58 साल बाद कई विशेष संयोग भी बन रहे हैं। जिसकी वजह से गणेश चतुर्थी और अधिक खास हो गई है। वहीं इसके प्रभाव से शनिदेव का भी असर सभी राशियों पर रहेगा।
गणेश चतुर्थी पर 58 साल बाद बना विशेष संयोग, जानिए कैसा रहेगा सभी राशियों पर शनिदेव का असर
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गणेश चतुर्थी से शनि सीधी चाल चलेंगे। इससे शनि का प्रकोप कम होगा। जो भक्त गणेश को अपने घर लाकर पूजा-अर्चना करेगा। उस पर वर्षभर गणेश की कृपा बनी रहेगी। न्यायाधिपति शनिदेव 25 अगस्त की शाम 5 बजकर 19 मिनट पर वृश्चिक राशि में मार्गी हो रहे हैं। 25 अगस्त को शुभ-लाभ और समृद्धि के दाता गौरी पुत्र गणेश उत्सव प्रारंभ होगा। इस दिन सभी राशियों के लिए विशेष लाभ होगा। शनिदेव की पूजा करने से सभी राशियों के लोगों पर खूब कृपा बरसेगी।
इस बार 58 साल बाद शनि की मार्गीय में गणेश जी विराजेंगे। शनि के मार्गीय होने से सभी राशियों में बेहतर प्रभाव देखने को मिलेगा। गणेश स्थापना के समय शनि के मार्गीय होने की शुभ घड़ी वर्ष 1959 में बनी थी। शनि के मार्गीय होने के दिन हस्त नक्षत्र में अमृत योग, रवि योग, शुभ योग एवं सूर्य, बुध दिव्य योग में गणेश जी की स्थापना होगी। गणेश जी की उपासना करने वालों से शनिदेव हमेशा प्रसन्न रहते हैं।
आईआईटी रुड़की स्थित श्री सरस्वती मंदिर के ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश शुक्ला ने बताया कि गणेश चतुर्थी 25 अगस्त को पड़ रही है। 25 से पांच सितंबर तक गणेश उत्सव चलेगा। इस बार गणपति का 11वें दिन विसर्जन होगा। हस्त नक्षत्र में रवि योग, गज केसरी योग बनने से भक्तों के लिए यह विशेष फलदायी रहेगा। इस दिन गणेश की आराधना करने से छात्रों को विद्या और बुद्धि की प्राप्ति होगी। गणेश जी सुख-शांति के देवता हैं।
साथ ही उनकी पूजा करने से सभी कार्य निर्विघ्न संपन्न हो जाते हैं। जो भक्त उनकी सच्चे मन से आराधना करेगा। उसके सब कार्य पूर्ण होंगे। लक्सर निवासी ज्योतिषाचार्य पीयूष भटनागर ने बताया कि इस बार वृश्चिक में 141 दिन वक्रीय होने के बाद शनि देव 25 अगस्त से मार्गीय हो रहे हैं। जिसके कारण गणेश चतुर्थी से सभी राशि जातकों को शनि के प्रकोप से मुक्ति मिल जाएगी।