रुद्रप्रयाग से लगभग तीन किमी. आगे अलकनंदा के तट पर बना प्राचीन दर्शनीय स्थल कोटेश्वर महादेव मंदिर अपने आप में आलौकिक है। कहा जाता है कि भस्मासुर से बचने के लिए भगवान शिव इसी गुफा में छिपे थे।
भगवान शिव को यहां शरण नहीं मिलती तो हो जाते भस्म
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 07 Jun 2016 09:11 PM IST
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भगवान शिव को यहां शरण नहीं मिलती तो हो जाते भस्म
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