बेइंतहा प्यार से शुरू हुई अशोक और कामना की कहानी कत्ल पर जाकर खत्म हुई। सबकुछ महज पांच साल के भीतर हो गया। प्यार भी हुआ और इतनी नफरत भी कि अशोक ने ही कामना की हत्या करा दी। अशोक और कामना से जुड़े लोगों के रिश्ते समय के साथ बदलते गए। यही बदलते रिश्ते कामना की जिंदगी पर भारी पड़ गए।
2 of 5
मृतक कामना
- फोटो : फाइल फोटो
एसओ नेहरू कालोनी दिलबर नेगी के मुताबिक ट्रांसपोर्टर अशोक के 2009 के दौरान पीसीओ चलाने वाली एक युवती से घनिष्ठ संबंध थे। इसी युवती के भाई के साथ कामना का रिश्ता हुआ था। युवती के बहाने कामना और अशोक संपर्क में आए। नजदीकियां इतनी बढ़ी कि कामना ने पहला रिश्ता तोड़कर अशोक का हाथ थाम लिया।
3 of 5
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
कामना से नजदीकियों बढ़ने के बाद अशोक ने पीसीओ संचालक युवती से दूर बना ली। पुलिस की मानें तो कामना के दबाव के चलते अशोक ने 2014 में उसके साथ प्रेम-विवाह कर लिया। इसी साल दोनों ने परिवार की सहमति के बाद शादी कर ली। इस पूरे घटनाक्रम में अशोक के साथ उसके बचपन का दोस्त दीपक शर्मा भी साथ रहा।
गरीबी के दौर में उनका प्रेम बढ़ता गया। इसी बीच शहर का एक फाइनेंसर भी उनकी जिंदगी में आया। नतीजा यह हुआ कि रोहिल्ला परिवार दिन रात फलता और फूलता रहा। ज्यादा पैसा पाने की चाह में अशोक और कामना के बीच का प्यार कम होता चला गया।
उन दोनों के बीच बेवफाई की दीवार खड़ी हो गई। अशोक प्यार पाने की चाह में कभी पीसीओ चलाने वाली पुरानी महिला मित्र के पास पहुंच गया। दूसरी तरफ, अशोक फाइनेंसर से कामना के रिश्तों को लेकर तनाव में थे। इन्हीं बदलते रिश्तों के बीच अशोक ने कामना से छुटकारा पाने को इस साजिश को अंजाम दिया।